दिलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में रविवार को उस समय माहौल गर्म हो गया, जब साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा और ईस्ट जोन के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी आमने-सामने आ गए। दोनों के बीच शुरुआत में बातचीत सामान्य और मजाकिया अंदाज में नजर आई, लेकिन कुछ देर बाद मामला गंभीर होता दिखा। स्थिति बिगड़ने से पहले अंपायरों को हस्तक्षेप करना पड़ा और दोनों खिलाड़ियों को अलग किया गया।
वैभव ने बनाया दबाव
बिहार के 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन के लिए शानदार बल्लेबाजी कर रहे थे। उन्होंने पारी की शुरुआत से ही साउथ जोन के गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। उनके साथ अभिमन्यु ईश्वरन भी तेजी से रन बना रहे थे। दोनों बल्लेबाजों की आक्रामक शुरुआत से साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा पर गेंदबाजी में बदलाव करने का दबाव बढ़ता जा रहा था।
तिलक ने की स्लेजिंग
पारी के 11वें ओवर के दौरान तिलक वर्मा ने वैभव को परेशान करने की कोशिश की। स्टंप माइक्रोफोन में उनकी आवाज भी सुनाई दी। तिलक ने वैभव से कहा, “क्या है ये वाइस-कप्तान।” शुरुआत में यह बातचीत सामान्य मजाक जैसी ही लग रही थी। कैमरे में कुछ देर बाद दोनों खिलाड़ियों को हंसते हुए और आपस में बातचीत करते हुए भी देखा गया। हालांकि, इसके बाद माहौल अचानक बदल गया।
अंपायरों ने रोका विवाद
कुछ समय बाद तिलक वर्मा वैभव की तरफ बढ़े और उन्होंने हाथ से ऐसा इशारा किया, जो मुक्का मारने जैसा दिखाई दिया। वैभव ने भी तुरंत प्रतिक्रिया दी। दोनों के बीच बात ज्यादा आगे बढ़ती, उससे पहले अंपायरों ने हस्तक्षेप कर दिया। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को अलग किया और स्थिति को संभाला। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई।
44 रन पर आउट
मैदान पर हुई इस नोकझोंक के बावजूद वैभव ने अपनी बल्लेबाजी जारी रखी। हालांकि, वह अपनी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके और 44 रन बनाकर आउट हो गए। उन्होंने 37 गेंदों का सामना करते हुए 5 चौके और 1 छक्का लगाया। अपनी पारी के दौरान वैभव ने मोहम्मद सिराज के एक ओवर में दो चौके और एक शानदार छक्का भी लगाया। कम उम्र में बड़े मंच पर उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने मुकाबले में खासा रोमांच पैदा किया।
