Vaibhav Suryavanshi Debut: भारतीय टीम जब से सफेद गेंद की सीरीज खेलने यूनाइटेड किंगडम पहुंची थी, तभी से एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा और वह था वैभव सूर्यवंशी। बेलफास्ट, डरहम और मैनचेस्टर, हर जगह क्रिकेट प्रेमी और मीडिया यही जानना चाहते थे कि आखिर इस युवा खिलाड़ी को भारत के लिए पहला मैच खेलने का मौका कब मिलेगा। हालांकि शुरुआती मुकाबलों में उन्हें अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली।
लगातार करनी पड़ी मेहनत
वैभव ने हर ट्रेनिंग सेशन में जमकर अभ्यास किया। उन्होंने नेट्स में घंटों बल्लेबाजी की, लेकिन आयरलैंड के खिलाफ दोनों टी20 मुकाबलों में उन्हें मौका नहीं मिला। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 में भी वह टीम से बाहर रहे। टीम प्रबंधन का कहना था कि किसी स्थापित खिलाड़ी को हटाकर जल्दबाजी में वैभव को मौका देना सही नहीं होगा। हालांकि, लगातार खराब प्रदर्शन के बाद उन्हें टीम में शामिल करने की मांग तेज होती गई।
मैनचेस्टर में मिले बदलाव के संकेत
दूसरे टी20 से पहले मैनचेस्टर में हुए अभ्यास सत्र के दौरान वैभव का अंदाज पहले से अलग दिखाई दिया। जहां पहले वह लंबे समय तक बल्लेबाजी करते थे, वहीं इस बार उन्होंने केवल कुछ मिनट ही अभ्यास किया। इसे देखकर शुरुआत में लगा कि शायद उन्हें फिर मौका नहीं मिलेगा। लेकिन जो लोग उनके खेल को करीब से जानते थे, उन्हें यह एक खास संकेत लगा। अंडर-19 विश्व कप के दौरान भी वह मैच से पहले हल्का अभ्यास ही करते थे।
सोशल मीडिया से मिला इशारा
मैच से एक रात पहले वैभव ने अपनी तस्वीर के साथ सोशल मीडिया पर “न्यू चैप्टर” लिखकर एक स्टोरी साझा की। इसके बाद क्रिकेट प्रेमियों की उम्मीद और बढ़ गई। मैच वाले दिन जब वह बल्ला लेकर मैदान पर पहुंचे और सेंटर विकेट पर शैडो प्रैक्टिस करने लगे, तब साफ हो गया कि उनका सपना पूरा होने वाला है।
तिलक वर्मा ने पहनाई पहली कैप
टॉस से पहले भारतीय टीम के उपकप्तान तिलक वर्मा ने वैभव सूर्यवंशी को भारत की पहली कैप सौंपी। इसके साथ ही वह भारत के लिए खेलने वाले सबसे युवा क्रिकेटर बन गए। इस खास पल पर सिर्फ भारतीय ही नहीं, बल्कि इंग्लैंड के पत्रकारों ने भी खुशी जताई। पूरे दौरे के दौरान विदेशी मीडिया भी वैभव की प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए था।
कई दिग्गजों की सूची में शामिल
वैभव सूर्यवंशी का नाम अब उन खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गया है जिन्होंने बहुत कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा। इस सूची में पाकिस्तान के हसन रजा, मुश्ताक मोहम्मद और आकिब जावेद, बांग्लादेश के मोहम्मद शरीफ तथा भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर जैसे बड़े नाम शामिल हैं। कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना आसान नहीं होता, लेकिन कई खिलाड़ियों ने इसी उम्र से अपने शानदार करियर की शुरुआत की। अब सभी की नजर वैभव सूर्यवंशी पर होगी कि वह इस सुनहरे मौके को कितनी बड़ी सफलता में बदल पाते हैं।
