Vaibhav Suryavanshi Storms the Final: ट्राई सीरीज के फाइनल मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी धमाकेदार बल्लेबाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। पूरे टूर्नामेंट में उनका बल्ला ज्यादा नहीं चला था, लेकिन फाइनल में उन्होंने सारी कमी पूरी कर दी। श्रीलंका-ए के गेंदबाजों के खिलाफ वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और मैदान के चारों ओर शानदार शॉट लगाए।
पहले मैचों में नहीं चला था बल्ला
फाइनल मुकाबले से पहले वैभव सूर्यवंशी एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाए थे। ऐसे में टीम और प्रशंसकों को उनसे बड़ी पारी की उम्मीद थी। उन्होंने उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरते हुए ऐसी बल्लेबाजी की, जिसने विपक्षी टीम के गेंदबाजों को दबाव में ला दिया। उनकी तेज बल्लेबाजी की बदौलत इंडिया-ए की टीम मजबूत स्थिति में पहुंच गई।
सिर्फ 11 गेंदों में पूरा किया अर्धशतक
वैभव ने इस मैच में एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जिसने सभी को हैरान कर दिया। उन्होंने केवल 11 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। इससे पहले लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड ईशान किशन के नाम था, जिन्होंने 22 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की थी। अब यह रिकॉर्ड वैभव सूर्यवंशी के नाम दर्ज हो गया है।
गेंदबाजों पर लगातार बनाए रखा दबाव
अर्धशतक पूरा करने के बाद भी वैभव नहीं रुके। उन्होंने तेजी से रन बनाना जारी रखा और श्रीलंका-ए के गेंदबाजों की जमकर खबर ली। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास साफ दिखाई दे रहा था। हालांकि पांचवें ओवर की तीसरी गेंद पर उन्हें एक जीवनदान भी मिला, जब मोहम्मद शिराज ने उनका आसान कैच छोड़ दिया।
शतक के बेहद करीब पहुंचकर रुके
जिस अंदाज में वैभव बल्लेबाजी कर रहे थे, उसे देखकर लग रहा था कि वह आसानी से शतक पूरा कर लेंगे। उन्होंने वनडे क्रिकेट में टी20 जैसी आक्रामक बल्लेबाजी दिखाई। हर गेंदबाज उनके सामने बेबस नजर आ रहा था और मैदान पर चौकों-छक्कों की बारिश हो रही थी। लेकिन क्रिकेट में एक छोटी सी गलती भी भारी पड़ सकती है। वैभव अपने शतक से केवल छह रन दूर रह गए। नौवें ओवर की पांचवीं गेंद पर श्रीलंका-ए के कप्तान की गेंद पर उन्होंने शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद सीधे मिड-ऑफ पर खड़े वियासकांत के हाथों में चली गई।
94 रन की यादगार पारी
वैभव सूर्यवंशी ने 29 गेंदों में 94 रन की शानदार पारी खेली। अपनी इस विस्फोटक पारी में उन्होंने 10 चौके और 8 छक्के लगाए। भले ही वह शतक नहीं बना पाए, लेकिन उनकी यह पारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी। फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन कर उन्होंने यह साबित कर दिया कि वह भविष्य के बड़े सितारों में शामिल हो सकते हैं।









