Mobile Theft : दिल्ली से शुरू हुई जांच बुलंदशहर तक पहुंची, पुलिस ने कैसे खोला करोड़ों की चोरी का राज

दिल्ली में अमेजन के लिए भेजे जा रहे करीब 1,500 मोबाइल फोन रास्ते में चोरी हो गए। पुलिस ने 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की जांच कर बुलंदशहर से 604 मोबाइल बरामद किए और पूरे मामले का खुलासा किया।

Amazon Mobile Theft Case

Amazon mobile theft case : आज के समय में ज्यादातर लोग ऑनलाइन खरीदारी करते हैं। ग्राहक ऑर्डर करने के बाद सिर्फ अपने पार्सल का इंतजार करता है। लेकिन गोदाम से घर तक सामान पहुंचाने के दौरान कितनी चुनौतियां और जोखिम होते हैं, इसका अंदाजा बहुत कम लोगों को होता है। दिल्ली से सामने आए इस मामले ने ई-कॉमर्स की डिलीवरी व्यवस्था और सुरक्षा पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

रास्ते में गायब हुए हजारों मोबाइल

जानकारी के अनुसार, अमेजन के लिए भेजे जा रहे हजारों नए मोबाइल फोन रास्ते में ही गायब हो गए। हैरानी की बात यह रही कि इतने महंगे मोबाइल चोरी होने के बावजूद शुरुआत में किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। जब मामले की जांच शुरू हुई, तब पता चला कि यह कोई सामान्य चोरी नहीं थी।

अंदर के लोगों पर लगा आरोप

जांच के दौरान सामने आया कि इस कथित चोरी में बाहरी बदमाश नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट व्यवस्था से जुड़े कुछ लोग ही शामिल थे। करीब डेढ़ करोड़ रुपये कीमत के मोबाइल फोन रास्ते से गायब कर दिए गए। इस खुलासे के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तेजी से जांच शुरू की।

200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की जांच

पूरे मामले की जांच किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही। पुलिस ने एक-दो नहीं, बल्कि 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी। ट्रक ने किस रास्ते से सफर किया, कहां-कहां रुका और किस समय क्या हुआ, इसकी पूरी जानकारी जुटाई गई। इसी दौरान एक संदिग्ध पिकअप वाहन की पहचान हुई, जिसने जांच को नई दिशा दे दी।

बुलंदशहर के बाग से मिले मोबाइल

दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस की मदद से संदिग्ध लोगों तक पहुंच बनाई। पूछताछ के बाद बुलंदशहर के एक बाग से 604 नए मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस का कहना है कि ट्रक में कुल करीब 4,500 मोबाइल फोन लोड किए गए थे, जिनमें से लगभग 1,500 मोबाइल रास्ते में चोरी कर लिए गए थे।

बाकी मोबाइल और आरोपियों की तलाश जारी

फिलहाल पुलिस बाकी चोरी हुए मोबाइल फोन और इस पूरे गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि महंगे सामान की ढुलाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की जरूरत है।

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