Budaun Crime: बदायूं के बिल्सी थाना क्षेत्र के बन्नी ढकपुरा गांव में पुरानी रंजिश को लेकर हुआ विवाद बेहद गंभीर हो गया। परिवार का आरोप है कि कुछ दबंग लोग लाठी-डंडे और कथित हथियार लेकर उनके घर पहुंचे और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट शुरू कर दी।
घटना 13 अगस्त की शाम की बताई जा रही है। परिजनों के मुताबिक, उस समय परिवार के लोग घर पर खाना खाने की तैयारी कर रहे थे। तभी पड़ोस के महेश, रंजीत, पंकज, पवन, विपिन, भगवान सिंह, जसोदा, प्रीति और प्रवेश समेत कई लोग वहां पहुंच गए।
बचाने आई शिवानी भी घायल
परिवार का कहना है कि घर में चीख-पुकार सुनकर 14 वर्षीय शिवानी अपने परिजनों को बचाने के लिए आगे आई। आरोप है कि हमलावरों ने उसके साथ भी मारपीट की।
मारपीट में शिवानी गंभीर रूप से घायल हो गई और बेहोश होकर गिर पड़ी। इसके बाद परिजन उसे लेकर बिल्सी थाने पहुंचे। परिवार का आरोप है कि वहां उनकी शिकायत पर तत्काल मेडिकल परीक्षण और कार्रवाई नहीं की गई।
कई जगह कराया इलाज
परिजनों के अनुसार, थाने से मदद नहीं मिलने के बाद उन्होंने जिला अस्पताल में शिवानी का मेडिकल कराया। इसके बाद उसकी हालत को देखते हुए अलग-अलग जगहों पर इलाज कराया गया।
हालत में सुधार नहीं होने पर डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिवार का कहना है कि शिवानी की हालत लगातार गंभीर बनी रही। बाद में उसे दोबारा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इलाज के दौरान तोड़ा दम
परिवार के मुताबिक, देर रात इलाज के दौरान शिवानी ने दम तोड़ दिया। 14 साल की बेटी की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई।
पुलिस ने शिवानी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से उसकी मौत की वजह को लेकर स्थिति और साफ होने की उम्मीद है।
पुलिस पर भी लगाए आरोप
शिवानी के परिजनों ने पुलिस पर शुरुआत में कार्रवाई नहीं करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि समय रहते उचित कार्रवाई और इलाज की व्यवस्था होती तो शायद शिवानी की जान बच सकती थी।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि शिवानी की मौत किन परिस्थितियों में हुई और हमले के आरोपों में कितनी सच्चाई है।







