कनाडा में NIA द्वारा नामित आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में नया दावा सामने आया है। गैंगस्टर सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ के नाम से सामने आई कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग में निज्जर की हत्या में खुद और अपने गैंग की भूमिका स्वीकार करने की बात कही गई है। बताया जा रहा है कि ये ऑडियो एंटी-गैंग अभियान ‘ऑपरेशन हार्डबॉल’ से जुड़े हैं। कनाडाई कमेंटेटर और पत्रकार रुचि वाली ने इन्हें सोशल मीडिया पर जारी किया है। हालांकि, इन रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता और दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
बराड़ ने क्या कहा?
कथित रिकॉर्डिंग में आवाज को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े गोल्डी बराड़ की बताया जा रहा है। ऑडियो में वह कथित तौर पर निज्जर की हत्या की जिम्मेदारी लेने की बात करता सुनाई देता है। रिकॉर्डिंग के मुताबिक, बराड़ ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई यानी बलकरण बराड़ जैसा कायर नहीं बताया और निज्जर की हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार करने का दावा किया। कथित तौर पर उसने यह भी कहा कि बिश्नोई ने उसे यह कदम उठाने के लिए तैयार किया था।
ड्रग्स को लेकर आरोप
कथित ऑडियो में बराड़ ने निज्जर पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उसके नाम से जारी रिकॉर्डिंग में दावा किया गया कि निज्जर 16-17 साल के युवाओं को ड्रग्स बेचने के लिए इस्तेमाल करता था और कथित तौर पर उन्हें ब्लैकमेल भी करता था। बराड़ के कथित बयान के अनुसार, निज्जर ऐसे लोगों को समर्थन देता था जो युवाओं से ड्रग्स बिकवाते थे। इसी वजह से उसने और उसकी टीम ने निज्जर को निशाना बनाने का फैसला किया। रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर यह भी कहा गया कि हर व्यक्ति को अपने किए का परिणाम भुगतना पड़ता है।
FBI की कार्रवाई
‘ऑपरेशन हार्डबॉल’ के बाद अमेरिका में भी गोल्डी बराड़ को लेकर कार्रवाई तेज हुई। FBI ने उसे लॉरेंस बिश्नोई ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप से जुड़ा बताया है। अमेरिकी एजेंसी के अनुसार, इस नेटवर्क पर अमेरिका और कनाडा में हत्या, गोलीबारी, अपहरण, जबरन वसूली, हमले तथा ड्रग्स और हथियारों की तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं। 1 जुलाई 2026 को कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की लॉस एंजिल्स स्थित संघीय अदालत ने बराड़ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। उस पर RICO साजिश, जबरन वसूली और नियंत्रित पदार्थों से जुड़े आरोप लगाए गए हैं।
भारत-कनाडा विवाद
हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद भारत और कनाडा के रिश्तों में बड़ा कूटनीतिक तनाव पैदा हुआ था। तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने हत्या को भारतीय सरकारी एजेंटों से जोड़ने का आरोप लगाया था, जिसे भारत ने सख्ती से खारिज कर दिया था। बाद में RCMP प्रमुख ने भारत से जुड़े आरोपों पर सवाल उठाते हुए लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े गैंग सदस्यों की भूमिका की ओर भी संकेत किया था। अब गोल्डी बराड़ के नाम से सामने आए कथित ऑडियो ने मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है। हालांकि, सबसे अहम बात यही है कि ऑडियो की प्रामाणिकता और उसमें किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।





