Chennai – Agra Murder Case: ट्रेन में मिले सूटकेस ने कैसे खोला 25 दिन पुरानी हत्या का खौफनाक राज, दो संदिग्ध गिरफ्तार

आगरा कैंट स्टेशन पर मिले सूटकेस में मानव अवशेषों की पहचान हयातुन निशा के रूप में हुई। जांच चेन्नई के गुडुवांचेरी पहुंची, जहां हत्या का शक है। पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया।

Hayatun Nisha Murder Case: 5 अगस्त को चेन्नई से नई दिल्ली जा रही तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच में एक लाल सूटकेस ने पुलिस को हैरान कर दिया। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर लावारिस मिले इस बैग को खोला गया तो उसमें महिला के शरीर के कटे हुए हिस्से मिले। आगरा जीआरपी ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की। करीब 25 दिन तक चली पड़ताल के बाद इन अवशेषों की पहचान ओडिशा के जगतसिंहपुर की 38 वर्षीय हयातुन निशा के तौर पर हुई।

चेन्नई तक पहुंची जांच

जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को इस हत्या का कनेक्शन करीब दो हजार किलोमीटर दूर चेन्नई के गुडुवांचेरी से मिला। पुलिस ने चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों के सैकड़ों CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। करीब 350 कैमरों की रिकॉर्डिंग जांचने के दौरान प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर एक युवक और युवती लाल ट्रॉली बैग के साथ दिखाई दिए। इसी अहम सुराग के आधार पर पुलिस गुडुवांचेरी के एक किराए के मकान तक पहुंची।

किराए के घर में हत्या?

पुलिस के मुताबिक, हयातुन निशा चेन्नई में एक निजी कंपनी में काम करती थीं और गुडुवांचेरी इलाके में रह रही थीं। इसी इलाके के एक किराए के मकान में असम का रहने वाला 22 वर्षीय माणिक उद्दीन लस्कर और ओडिशा की भगवती माजी भी रहते थे। जांच एजेंसियों को शक है कि निशा की हत्या इसी मकान में की गई। तलाशी के दौरान वहां शरीर के कुछ अन्य अवशेष मिलने की बात भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, अवशेषों को नष्ट करने की कोशिश की गई थी।

शव के किए 18 टुकड़े

जांच में सामने आया है कि हत्या के बाद शव को करीब 18 हिस्सों में काटा गया। आरोपियों ने कथित तौर पर शरीर के हिस्सों को अलग-अलग तरीके से ठिकाने लगाने की कोशिश की। कुछ हिस्से लाल सूटकेस में रखकर ट्रेन में छोड़ दिए गए, जबकि अन्य अवशेषों को किराए के मकान में छिपाने की कोशिश की गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शव को काटने और उसे अलग-अलग जगहों पर ठिकाने लगाने की योजना कैसे बनाई गई।

रिश्तों का विवाद बना वजह?

पुलिस की शुरुआती जांच में हत्या के पीछे रिश्तों से जुड़ा विवाद सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार, हयातुन निशा और माणिक उद्दीन लस्कर के बीच कथित संबंध थे। माणिक की साथी भगवती माजी को इसकी जानकारी मिलने के बाद विवाद हुआ। पुलिस को आशंका है कि इसी विवाद ने बाद में हत्या का रूप लिया। हालांकि, यह फिलहाल जांच का शुरुआती एंगल है। हत्या की वास्तविक वजह और दोनों संदिग्धों की भूमिका पूछताछ के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।

दो गिरफ्तार, पूछताछ जारी

मामले की जांच आगरा से चेन्नई और फिर गुडुवांचेरी तक पहुंचने के बाद पुलिस ने संदिग्धों को पकड़ने की कार्रवाई तेज की। मुख्य संदिग्ध माणिक उद्दीन लस्कर को गिरफ्तार कर लिया गया है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, उसकी साथी भगवती माजी को भी मणिपुर से गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। वहीं, निशा के बेटे की ओर से 21 अगस्त के आसपास मां के लापता होने की शिकायत दर्ज कराए जाने से भी जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिली। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या कब हुई, ट्रेन तक सूटकेस कौन लेकर गया और बाकी अवशेषों को ठिकाने लगाने की पूरी योजना किसने बनाई।

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