12 Crore Mobile Theft: उत्तर प्रदेश के नोएडा से असम के गुवाहाटी भेजे जा रहे करोड़ों रुपये के मोबाइल फोन और उससे जुड़े उपकरणों की बड़ी खेप रास्ते में चोरी हो गई। बिहार के अररिया जिले में लावारिस हालत में मिले कंटेनर से करीब 12 करोड़ रुपये मूल्य के मोबाइल फोन गायब पाए गए, जिसके बाद पुलिस और कंपनी प्रबंधन में हड़कंप मच गया।
कंटेनर में थे नामी कंपनियों के स्मार्टफोन
ऑनलाइन दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, कंटेनर में रियलमी, ओप्पो और वनप्लस जैसी प्रमुख कंपनियों के स्मार्टफोन लोड थे। यह खेप 6 जून को वाहन संख्या KA 02 AJ 1157 के माध्यम से वेयरहाउस से गुवाहाटी के लिए रवाना की गई थी।
कंपनी के मुताबिक कंटेनर में कुल 1143 बॉक्स मोबाइल फोन रखे गए थे, लेकिन जांच के दौरान 612 बॉक्स गायब मिले। चोरी हुए मोबाइलों की पहचान के लिए कंपनी जल्द ही सभी आईएमईआई नंबर पुलिस को उपलब्ध कराएगी।
ड्राइवरों से संपर्क टूटने पर बढ़ा शक
कंपनी लगातार कंटेनर के दोनों चालकों के संपर्क में थी, लेकिन 7 जून से दोनों ने फोन उठाना बंद कर दिया। इसके बाद फास्टैग रिकॉर्ड की जांच की गई, जिसमें पता चला कि 7 जून की शाम अंतिम टोल कटौती हरियावाड़ा टोल नाका पर हुई थी।
अगले दिन 8 जून को कंटेनर अररिया जीरो माइल के पास लावारिस हालत में खड़ा मिला। फिलहाल वाहन चालक पलवल साहिब और दूसरा चालक तालिम फरार बताए जा रहे हैं।
कई धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पीड़ित पक्ष की शिकायत पर नगर थाना में कांड संख्या 314/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बरामद कंटेनर को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है, जिसमें अभी भी मोबाइल फोन के कई बॉक्स मौजूद हैं।
अयोध्या-गोरखपुर रूट पर पुलिस की नजर
अररिया के एसपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि अयोध्या और गोरखपुर के बीच स्थित टोल प्लाजा को पार करने में कंटेनर ने सामान्य से अधिक समय लिया। पुलिस इसे संदिग्ध मान रही है और इसी एंगल से जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों को आशंका है कि चोरी की वारदात इसी रूट पर कहीं अंजाम दी गई हो सकती है।









