ममता कुलकर्णी का बड़ा धमाका: ’10 में से 9 साधु ढोंगी’, अखिलेश और मोदी पर भी दिया चौंकाने वाला बयान!

पूर्व अभिनेत्री ममता कुलकर्णी ने विवादित बयान देते हुए 90% महामंडलेश्वरों को 'झूठा' करार दिया है। उन्होंने अखिलेश यादव से गोहत्या रोकने पर सवाल किया और पीएम मोदी को अपरिहार्य बताते हुए ममता बनर्जी की जीत को देवी की शक्ति कहा।

Mamta Kulkarni Shankaracharya controversy: पूर्व अभिनेत्री और अब आध्यात्मिक मार्ग पर अग्रसर ममता कुलकर्णी अपने हालिया बयानों के कारण एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। मुंबई में मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने धर्म और राजनीति के संगम पर तीखी प्रतिक्रिया दी। कुलकर्णी ने सीधे तौर पर धार्मिक संस्थाओं पर हमला बोलते हुए कहा कि वर्तमान में 10 में से 9 महामंडलेश्वर और तथाकथित शंकराचार्य झूठे हैं और उन्हें वास्तविक आध्यात्मिक ज्ञान शून्य है। उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए उन्हें अहंकार से बचने की सलाह दी। ममता ने स्पष्ट किया कि कानून सबके लिए बराबर है और किसी को भी भीड़ का सहारा लेकर शक्ति प्रदर्शन नहीं करना चाहिए। उनके इन बयानों ने धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।

धार्मिक पाखंड पर कड़ा प्रहार

Mamta Kulkarni ने संतों की प्रमाणिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज के समय में धर्म को व्यापार और राजनीति का अखाड़ा बना दिया गया है। उन्होंने अपने गुरु, जो नाथ संप्रदाय से थे, का हवाला देते हुए कहा कि सच्चा संत वही है जो तपस्वी हो। उन्होंने ऋग्वेद के संवादों का उल्लेख करते हुए बताया कि उनके पास वेदों का ज्ञान है और इसी आधार पर वह कह सकती हैं कि अधिकांश धार्मिक गुरु केवल दिखावा कर रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से अविमुक्तेश्वरानंद के रथ मार्च की आलोचना की और उनके शिष्यों के साथ हुई मारपीट के लिए उन्हें ही जिम्मेदार ठहराया।

राजनीति और सत्ता पर बेबाक राय

राजनीति पर चर्चा करते हुए Mamta Kulkarni ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि देश के पास वर्तमान में मोदी के अलावा कोई दूसरा सशक्त विकल्प नहीं है। हालांकि, कांग्रेस के भीतर तुलना करते हुए उन्होंने प्रियंका गांधी को राहुल गांधी से कहीं अधिक काबिल और प्रभावी नेता बताया।

पश्चिम बंगाल की राजनीति पर बात करते हुए उन्होंने ममता बनर्जी की जीत को आध्यात्मिक शक्ति से जोड़ा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी थी, लेकिन बंगाल की मुख्यमंत्री पर ‘महाकाली’ का आशीर्वाद था, जिससे उनकी जीत संभव हुई। साथ ही, उन्होंने बनर्जी को सलाह दी कि वे अपने फैसलों में बहुत अधिक उग्र या एक्सट्रीम रुख अपनाने से बचें।

अखिलेश यादव और गोहत्या का मुद्दा

Mamta Kulkarni ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने सवाल किया कि क्या अखिलेश यादव सार्वजनिक रूप से गोहत्या रोकने का वचन दे सकते हैं? उन्होंने मांग की कि यदि अखिलेश हिंदू हितों और धर्म की बात करते हैं, तो उन्हें इस मुद्दे पर ठोस आश्वासन देना चाहिए।

बॉलीवुड से दूरी और भविष्य का संकल्प

अंत में, ममता ने अपने करियर को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि वह बॉलीवुड में दोबारा कभी कदम नहीं रखेंगी। उन्होंने यह भी इच्छा जताई कि वे जल्द ही महामंडलेश्वर जैसे औपचारिक पदों से भी मुक्त होना चाहती हैं ताकि अपनी आध्यात्मिक यात्रा को पूरी सादगी से जारी रख सकें।

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