QS वर्ल्ड रैंकिंग 2026: इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अपना करियर बनाने का सपना देख रहे छात्रों के लिए एक गौरवशाली खबर सामने आई है। आज जारी हुई QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स बाय सब्जेक्ट 2026 ने वैश्विक पटल पर भारतीय शिक्षा व्यवस्था की मजबूती को साबित कर दिया है। इस साल की रैंकिंग में न केवल पांच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) ने शीर्ष 100 में अपनी जगह पक्की की है, बल्कि दो प्रमुख संस्थानों ने टॉप 50 के भीतर रैंक हासिल कर देश का मान बढ़ाया है।
IIT दिल्ली का ऐतिहासिक प्रदर्शन
इस बार की रैंकिंग में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) दिल्ली सबसे चमकते सितारे के रूप में उभरा है। संस्थान ने इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी की व्यापक श्रेणी में 36वां स्थान हासिल किया है। यह IIT दिल्ली का अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन माना जा रहा है। संस्थान के छह विषय दुनिया के टॉप 50 में शामिल हैं। इसमें ‘केमिकल इंजीनियरिंग’ ने पहली बार 48वें स्थान के साथ टॉप 50 में एंट्री की है, जबकि ‘इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग’ में इसे 36वां स्थान मिला है।
टॉप 100 में शामिल भारतीय संस्थान
रैंकिंग के विस्तृत विवरण के अनुसार, इंजीनियरिंग की वैश्विक सूची में भारतीय संस्थानों का दबदबा कुछ इस प्रकार रहा है:
* IIT दिल्ली: रैंक 36 (भारत में प्रथम)
* IIT बॉम्बे: रैंक 42
* IIT मद्रास: रैंक 62
* IIT खड़गपुर: रैंक 64
* IIT कानपुर: रैंक 86
भारत की बढ़ती वैश्विक साख
रिपोर्ट के सबसे उत्साहजनक आंकड़े भारत की समग्र प्रगति को दर्शाते हैं। साल 2024 में भारत के पास अलग-अलग विषयों के टॉप 50 में केवल 12 स्थान थे, जो 2026 की इस रैंकिंग में बढ़कर 27 हो गए हैं। यह उछाल दोगुने से भी अधिक है। इन 27 स्थानों को भारत के 12 अलग-अलग संस्थानों ने मिलकर हासिल किया है, जो देश में उच्च शिक्षा के बढ़ते स्तर और शोध (Research) की गुणवत्ता को प्रमाणित करता है।
विषय-वार विशेषज्ञता
IIT दिल्ली ने कंप्यूटर साइंस में भी अपनी धाक जमाई है और 45वें स्थान के साथ देश का दूसरा सर्वश्रेष्ठ संस्थान बना है। मैकेनिकल और एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में 44वें स्थान के साथ इसने बीते एक दशक का अपना सबसे बेहतरीन रिकॉर्ड कायम किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन रैंकिंग्स से भारतीय डिग्री की वैश्विक वैल्यू बढ़ेगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय इंजीनियरों की मांग में और इजाफा होगा।








