देश-विदेश के छात्रों को आकर्षित कर रहा वाराणसी, बन रहा एजुकेशन का ग्लोबल हब

उत्तर प्रदेश का वाराणसी जिला शिक्षा का बड़ा केंद्र माना जाता है, जहां 200 से अधिक कॉलेज और कई प्रमुख विश्वविद्यालय स्थित हैं। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ और अन्य संस्थानों के कारण देश-विदेश से छात्र यहां पढ़ाई करने आते हैं, जिससे यह शहर उच्च शिक्षा का प्रमुख हब बन चुका है।

Varanasi Education Hub: उत्तर प्रदेश लगातार शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार एक ओर जहां ऑपरेशन कायाकल्प के तहत लगभग 1.5 लाख से अधिक परिषदीय स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का काम कर रही है, वहीं दूसरी तरफ युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए 50 लाख से अधिक छात्रों को टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित किए जा चुके हैं। इसी बीच प्रदेश का एक जिला ऐसा भी है, जहां उच्च शिक्षा के अवसर सबसे ज्यादा उपलब्ध हैं।

उच्च शिक्षा का बड़ा केंद्र 

दरअसल, हम बात कर रहे हैं वाराणसी जिले की, जिसे प्राचीन समय से ही शिक्षा और ज्ञान का प्रमुख केंद्र माना जाता है। देश-विदेश से हजारों छात्र यहां पढ़ाई करने के लिए आते हैं। वाराणसी जिले में 200 से अधिक कॉलेज और कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय स्थित हैं, जो इसे उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के महत्वपूर्ण शिक्षा केंद्रों में शामिल करते हैं।

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय

वाराणसी में स्थित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय देश की सबसे प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालयों में गिनी जाती है। इसकी स्थापना वर्ष 1916 में पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। लगभग 1300 एकड़ में फैला इसका परिसर एशिया के सबसे बड़े आवासीय विश्वविद्यालय परिसरों में शामिल माना जाता है। यहां कला, विज्ञान, चिकित्सा, इंजीनियरिंग और प्रबंधन सहित कई विषयों की पढ़ाई होती है।

 प्रदेश का प्रमुख राज्य विश्वविद्यालय

इसके अलावा महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ  भी प्रदेश की प्रमुख राज्य विश्वविद्यालयों में शामिल है। इस विश्वविद्यालय से पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री सहित कई प्रसिद्ध हस्तियों ने शिक्षा प्राप्त की है। इसके साथ ही इससे सैकड़ों कॉलेज संबद्ध हैं, जिससे बड़ी संख्या में छात्रों को उच्च शिक्षा का अवसर मिलता है।

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