Sudhir Mishra : बॉलीवुड के दिग्गज फिल्मकार सुधीर मिश्रा अपनी बेहतरीन फिल्मों के अलावा अपनी बेबाक राय के लिए भी जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने नेटफ्लिक्स की ब्रिटिश सीरीज ‘एडोलसेंस’ की भारत में बढ़ती लोकप्रियता पर सवाल उठाया है। इस शो को दर्शकों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है, लेकिन सुधीर मिश्रा ने इसके भारत में नंबर वन होने पर हैरानी जताते हुए पूछा कि क्या भारत में ऐसे शो बनाए जा सकते हैं?
सुधीर मिश्रा ने क्या कहा ?
सुधीर मिश्रा ने अपनी राय देते हुए सोशल मीडिया पर प्लेटफॉर्म X लिखा कि,
“कैसे ‘एडोलसेंस’ नेटफ्लिक्स इंडिया पर नंबर वन शो बन सकता है? यह तो हर पारंपरिक नियम के खिलाफ जाता है। भारतीय दर्शकों को धीमी गति वाली कहानियां पसंद नहीं आतीं। यह शो उन सभी स्क्रिप्ट लेखन नियमों को तोड़ता है, जो आमतौर पर सिखाए जाते हैं। इसकी कहानी ऊपर उठने के बजाय उलटी दिशा में चलती है। लेकिन यही तो इसकी खासियत है! बीते कुछ सालों में यह सबसे अच्छी खबर है।”
How come Adolescence is the No 1 show on Netflix india . All conventional wisdom is against it . Indians are not supposed to like slow Burners . It violates every rule of taught by bad script writing schools . It spirals down instead of soaring up . It’s the best news in years.
— Sudhir Mishra (@IAmSudhirMishra) April 1, 2025
‘अच्छे कंटेंट से समझौता नहीं किया जाना चाहिए’
सुधीर मिश्रा ने यह शो अपने दोस्तों, फिल्ममेकर हंसल मेहता और शेखर कपूर द्वारा की गई प्रशंसा के बाद देखा। हालांकि, उनकी इस राय पर एक यूजर ने कमेंट करते हुए कहा कि भारतीय दर्शक ब्रिटिश सीरीज को सिर्फ इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि उन्हें विदेशों में सराहा जाता है।
इसके जवाब में सुधीर मिश्रा ने लिखा,
“नहीं, हमें अच्छे कंटेंट से समझौता नहीं करना चाहिए। एक बेहतरीन शराब को भले ही एलिट समझकर नजरअंदाज किया जा सकता है, लेकिन शानदार कहानियों को नहीं। हमें कंटेंट का स्तर नीचे नहीं लाना चाहिए, बल्कि दर्शकों को बेहतर चीजें दिखाकर ऊपर उठाना चाहिए। अगर हम पूरी दुनिया के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ना चाहते हैं और मुकाबला करना चाहते हैं, तो हमें ऐसा ही करना होगा।”
क्या है ‘एडोलसेंस’ की कहानी?
ब्रिटिश लेखक जैक थॉर्न और स्टीफन ग्राहम द्वारा निर्मित और फिलिप बैरेंटिनी द्वारा निर्देशित ‘एडोलसेंस’ चार-एपिसोड वाली एक मिनी-सीरीज है। इसकी कहानी 13 वर्षीय जेमी मिलर (ओवेन कूपर) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे अपने एक क्लासमेट की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया जाता है। यह शो गहरे सामाजिक और मनोवैज्ञानिक मुद्दों को छूता है और दर्शकों को एक नई सोच के साथ जोड़ता है।
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सुधीर मिश्रा का सवाल यह है कि क्या भारत में भी इसी तरह के गहरे और प्रयोगात्मक कंटेंट वाले शो बनाए जा सकते हैं, या फिर यहां पारंपरिक और नियमों में बंधे शो ही चलते रहेंगे? उनका मानना है कि दर्शकों को बेहतरीन कंटेंट देने से वे भी धीरे-धीरे उच्च गुणवत्ता वाली कहानियों की ओर आकर्षित होंगे। अब देखना होगा कि उनकी इस टिप्पणी पर बॉलीवुड और वेब सीरीज इंडस्ट्री से क्या प्रतिक्रियाएं आती हैं।