Nisar Wayanad Death: निसार वायनाड म्यूजिक इंडस्ट्री में अपनी अलग आवाज के लिए पहचान रखते थे। उनकी आवाज की तुलना अक्सर बॉलीवुड के दिग्गज सिंगर उदित नारायण से की जाती थी। उनका असली नाम निसार अरोथ इब्राहिम बताया गया है।
निसार को शनिवार दोपहर तेज बुखार की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह अजमान में होने वाले एक लाइव म्यूजिक कॉन्सर्ट की तैयारी में थे, लेकिन कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले उनकी तबीयत गंभीर हो गई और बाद में उनका निधन हो गया।
मेडिकल रिपोर्ट में एसिडोसिस का जिक्र
मेडिकल जांच में निसार की मौत की वजह एसिडोसिस बताई गई। उनके शरीर में एसिड का स्तर असामान्य रूप से बढ़ने की स्थिति को एसिडोसिस कहा जाता है।निसार डायबिटीज से भी पीड़ित थे। हालांकि, उनके करीबी दोस्त नौजास कयाक्कूल के मुताबिक, उन्हें किसी अन्य गंभीर बीमारी की जानकारी नहीं थी।
दोस्त ने बताया कि निसार को पिछले दो दिनों से हल्का बुखार था, लेकिन उन्होंने शुरुआत में इसे सामान्य समझा था। बाद में तबीयत बिगड़ने पर वह अस्पताल पहुंचे।
कम उम्र में संभाली थी परिवार की जिम्मेदारी
निसार के करीबी दोस्त नौजास ने बताया कि पिता के निधन के बाद निसार ने कम उम्र में ही परिवार की जिम्मेदारी संभाल ली थी। उन्होंने लंबे समय तक मेहनत करते हुए संगीत की दुनिया में अपनी पहचान बनाई।
निसार अपने पीछे पत्नी और दो बेटियों को छोड़ गए हैं। उनके अचानक निधन की खबर से परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों में शोक की लहर है।
केरल में दी गई अंतिम विदाई
निसार के पार्थिव शरीर को उनके गृह क्षेत्र वायनाड, केरल ले जाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, अंतिम विदाई में करीब 300 दोस्त और प्रशंसक शामिल हुए। यूएई में रहने वाले मलयालम व्लॉगर शाहिद मणिक्कोथ भी जनाजे की नमाज में शामिल हुए।
उनके निधन के बाद उनके चाहने वालों ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके संगीत करियर को याद किया।
100 से ज्यादा गानों में दी आवाज
निसार ने 2000 के दशक की शुरुआत में संगीत की दुनिया में काम शुरू किया था। उन्होंने मप्पिला और मलयालम एल्बम म्यूजिक में अपनी पहचान बनाई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने 100 से ज्यादा गानों और एल्बम ट्रैक्स में अपनी आवाज दी।
उनके चर्चित गानों में ‘अरारुम अरियाथे’, ‘उम्मा’, ‘नसिरिया’, ‘वा स्नेहमे’ और ‘या नबिये सलाम’ जैसे नाम शामिल हैं। उनके निधन से मलयालम और मप्पिला संगीत जगत ने एक प्रतिभाशाली कलाकार खो दिया।


