गाजियाबाद के मोदीनगर इलाके में गुरुवार रात एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई। सड़क किनारे बने एक ढाबे के बाहर 35 साल के राहुल चौधरी पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं। हमलावरों ने उस पर करीब पांच गोलियां दागीं और मौके से फरार हो गए।
खून से लथपथ हालत में खुद पहुंचा अस्पताल
हैरानी की बात यह रही कि इतनी गंभीर हालत के बावजूद राहुल चौधरी ने हिम्मत नहीं हारी। काफी खून बहने के बाद भी उन्होंने खुद अपनी स्कॉर्पियो चलाई और करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित यशोदा अस्पताल पहुंचे। वहां पहुंचते ही उन्होंने मदद मांगी और जमीन पर गिर पड़े। डॉक्टरों ने तुरंत उनकी सर्जरी की, लेकिन उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
सीसीटीवी फुटेज में कैद घटना
पुलिस को घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे से 49 सेकंड की फुटेज मिली है। इसमें दो लोग एक स्कूटर के पास खड़े नजर आ रहे हैं। जैसे ही राहुल अपनी कार से वहां पहुंचे, एक व्यक्ति ने कार का दरवाजा खोला। कुछ ही सेकंड बाद एक तीसरा शख्स आया और उसने अचानक फायरिंग शुरू कर दी।
हमले के बाद आराम से भागे आरोपी
फुटेज में साफ दिख रहा है कि गोली चलाने के बाद हमलावर बिना घबराहट के वहां से निकल गए। दो आरोपी स्कूटर से फरार हुए, जबकि तीसरा व्यक्ति पैदल ही चलता हुआ नजर आया। यह घटना रात करीब 9:30 बजे की बताई जा रही है।
शरीर के कई हिस्सों में लगी गोलियां
राहुल चौधरी को गर्दन, सीने, पेट और पैर में गोलियां लगी थीं। उस समय आसपास काफी भीड़भाड़ थी और कई गाड़ियां वहां से गुजर रही थीं। इसके बावजूद उन्होंने करीब आधे घंटे तक गाड़ी चलाकर अस्पताल तक पहुंचने का साहस दिखाया।
पैसों के लेन-देन का मामला
शुरुआती जांच में सामने आया है कि राहुल चौधरी ढाबे पर कुछ लोगों से 75 हजार रुपये लेने गए थे। उनकी पत्नी करिश्मा के अनुसार, उनके पति को विनय वशिष्ठ और अरविंद सैनी ने फोन कर मिलने के लिए बुलाया था। पहले उन्हें घर बुलाया गया, लेकिन बाद में ढाबे पर मिलने का प्लान बना।
पत्नी ने लगाए साजिश के आरोप
करिश्मा ने आरोप लगाया कि इस हमले के पीछे बड़ी साजिश रची गई थी। उन्होंने जलबीर पंडित, रवि वाल्मीकि, पीतम सैनी समेत कई लोगों का नाम लिया। उनका कहना है कि पहले भी उनके पति पर हमले की कोशिश हो चुकी है।
पहले से दर्ज हैं कई मामले
पुलिस के मुताबिक राहुल चौधरी पर पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। हत्या, हत्या के प्रयास और रंगदारी जैसे कुल 18 मामलों में उनका नाम सामने आ चुका है। कुछ मामलों में उन्हें राहत मिली थी, लेकिन हाल ही में वह जमानत पर बाहर आए थे।
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
इस मामले में पुलिस ने कई नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपियों को पकड़ने के लिए पांच टीमें बनाई गई हैं। पुलिस आसपास के इलाकों की सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।





