UGC Equity Regulations: यूजीसी की नई नियमावली को लेकर विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर करणी सेना ने आंदोलन को और तेज करने का फैसला किया है। संगठन की ओर से गाजियाबाद में महापंचायत आयोजित की जा रही है, जिसमें बड़ी संख्या में समर्थकों के जुटने की बात कही जा रही है। इस महापंचायत में यूजीसी नियमों के खिलाफ आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।
महापंचायत की तैयारी
करणी सेना की ओर से आयोजित महापंचायत को आंदोलन के अगले बड़े चरण के तौर पर देखा जा रहा है। संगठन के नेता कार्यकर्ताओं और समर्थकों से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील कर रहे हैं। महापंचायत में यूजीसी की नियमावली को लेकर संगठन की आपत्तियों और आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति पर फैसला लिया जा सकता है।
शेखावत का ऐलान
करणी सेना के प्रमुख राज शेखावत ने आंदोलन को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। उनका कहना है कि वे दिल्ली जाकर ही रहेंगे। शेखावत लंबे समय से यूजीसी से जुड़े नियमों के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं और दिल्ली में प्रदर्शन की बात भी सामने आती रही है। उनके बयानों से साफ है कि संगठन फिलहाल पीछे हटने के मूड में नहीं है।
दिल्ली पर नजर
इस आंदोलन का अगला बड़ा केंद्र दिल्ली बन सकता है। इससे पहले भी यूजीसी नियमों और आरक्षण व्यवस्था के विरोध में दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने अनुमति नहीं दिए जाने की बात कही थी। दिल्ली पुलिस ने 23 अगस्त को एक प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं मिलने की पुष्टि की थी। ऐसे में करणी सेना के दिल्ली कूच के ऐलान के बाद प्रशासन की नजर भी आंदोलन की गतिविधियों पर रहेगी।
आगे की रणनीति
अब सभी की नजर गाजियाबाद की महापंचायत पर है। माना जा रहा है कि यहां से आंदोलन को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। यदि संगठन दिल्ली कूच का फैसला करता है तो आने वाले दिनों में यह मुद्दा और ज्यादा चर्चा में आ सकता है। फिलहाल करणी सेना यूजीसी नियमावली को वापस लेने की मांग को लेकर अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने की तैयारी में जुटी है।







