Gold Price Crash: दुनिया भर के बाजार में उठापटक के बीच सोना, जिसे हमेशा सुरक्षित निवेश माना जाता है, अब निवेशकों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। मार्च 2026 में सोने की कीमतों में सिर्फ 25 दिनों के अंदर करीब 20% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट पिछले 50 सालों में किसी भी एक महीने की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। इस तेज गिरावट ने उन लोगों की चिंता बढ़ा दी है, जिन्होंने हाल ही में ऊंचे दामों पर सोना खरीदा था।
1975 जैसी स्थिति की याद
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हालात 1975 के बड़े सोना संकट जैसे लग रहे हैं। उस समय भी बाजार में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला था। जनवरी 1975 में United States की सरकार ने निजी तौर पर सोना रखने पर लगा प्रतिबंध हटा दिया था। लोगों को उम्मीद थी कि इससे सोने की कीमत तेजी से बढ़ेगी, लेकिन इसके उलट बाजार में गिरावट शुरू हो गई।
सिर्फ एक हफ्ते में सोने की कीमत 197 डॉलर से गिरकर 167 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई थी। इसका असर भारत में भी देखा गया, जहां 10 ग्राम सोने की कीमत में करीब 20 से 30 रुपये की गिरावट आई थी। उस दौर में यह गिरावट बहुत बड़ी मानी जाती थी, क्योंकि लोगों की औसत मासिक कमाई 300 से 500 रुपये के बीच थी।
मार्च 2026 में लगातार गिरावट
इस बार भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। 28 फरवरी से ही सोने की कीमतों में गिरावट शुरू हो गई थी, जो मार्च में और तेज हो गई। पिछले 25 दिनों में लगातार बिकवाली के कारण सोने के दाम तेजी से नीचे आए हैं। पहले जहां सोना सुरक्षित निवेश माना जाता था, वहीं अब इसमें जोखिम बढ़ता नजर आ रहा है।
निवेशकों के लिए बढ़ी चिंता
मार्च 2026 में आई 20% की गिरावट ने निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। खासकर उन लोगों को ज्यादा नुकसान हुआ है, जिन्होंने ऊंचे दामों पर सोना खरीदा था। इससे पहले जनवरी 2026 के आखिर में भी एक ही दिन में करीब 10% की गिरावट देखी गई थी, जिसने बाजार को हिला दिया था।
पुराने रिकॉर्ड भी टूटे
विशेषज्ञों के मुताबिक, 1978, 1980, 1983 और 2008 जैसे सालों में भी सोने में गिरावट आई थी, लेकिन इस बार की गिरावट उनसे भी ज्यादा तेज और गहरी है। यही वजह है कि इसे एक ऐतिहासिक गिरावट माना जा रहा है। बाजार में अनिश्चितता और निवेशकों की घबराहट इस गिरावट को और बढ़ा रही है।
अब आगे क्या हो सकता है
अब सभी की नजर इस बात पर है कि सोने की कीमतें आगे क्या रुख अपनाती हैं। अगर यही ट्रेंड जारी रहा, तो निवेशकों को और सतर्क रहने की जरूरत होगी। फिलहाल यह साफ है कि सोना अब पहले जैसा पूरी तरह सुरक्षित निवेश नहीं रह गया है।







