Diwali Adulterated Sweets: दिवाली पर मिठाइयों की मांग बढ़ते ही बाजार में मिलावट की आशंका भी गहराने लगी है। भिवानी के प्रमुख बाजारों में सजी मिठाइयों की चमक और कम कीमत ग्राहकों को आकर्षित कर रही है, लेकिन इनके पीछे इस्तेमाल होने वाले दूध, मावा, घी, तेल और चांदी के वर्क की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने पिछले एक महीने में 56 सैंपल लेकर जांच के लिए भेजने का दावा किया है।
200 रुपये किलो पनीर की गुणवत्ता पर सवाल
बाजार में पनीर 200 से 420 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। दूध का भाव 65 से 70 रुपये किलो बताया जा रहा है। सामान्य अनुमान के मुताबिक करीब पांच किलो दूध से एक किलो पनीर तैयार होता है। इस हिसाब से दूध की लागत ही 325 से 350 रुपये तक पहुंच जाती है। इसके अलावा मजदूरी, बिजली और परिवहन का खर्च भी जुड़ता है।
ऐसे में 200 रुपये किलो बिकने वाले पनीर की गुणवत्ता की जांच जरूरी है। हालांकि, कम कीमत अपने आप में मिलावट का प्रमाण नहीं है।
मेवा बर्फी और चांदी के वर्क पर भी नजर
बाजार में मेवा बर्फी 500 से 700 रुपये किलो तक बिक रही है। इसे बनाने में दूध के साथ मेवा, चीनी, घी और अन्य सामग्री इस्तेमाल होती है। ऐसे में कच्चे माल की गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है।
मिठाइयों पर लगाए जाने वाले चांदी के वर्क को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आशंका है कि कुछ जगह चांदी के नाम पर एल्युमिनियम युक्त वर्क इस्तेमाल किया जा सकता है। खाद्य सुरक्षा मानकों के मुताबिक इसकी जांच जरूरी है।
घी और तेल की शुद्धता भी अहम
लड्डू, जलेबी और गुलाब जामुन जैसी मिठाइयों में घी और खाद्य तेल का इस्तेमाल होता है। त्योहार पर उत्पादन बढ़ने के साथ इनकी खपत भी बढ़ जाती है। इसलिए तैयार मिठाइयों के साथ निर्माण केंद्रों और कच्चे माल की जांच भी जरूरी है।
भिवानी में एक महीने में 56 सैंपल लिए गए
भिवानी के हालू बाजार, पुरानी अनाज मंडी, नया बाजार, घंटाघर, हांसी गेट, महम गेट, रोहतक गेट और सेक्टर-13 समेत प्रमुख बाजारों में मिठाइयों की मांग बढ़ी है। खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार पिछले एक महीने से रोजाना निरीक्षण किए जा रहे हैं और 56 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद मिलावट पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मिलावटी खाद्य पदार्थों से हो सकती हैं स्वास्थ्य समस्याएं
पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सीनियर फिजिशियन डॉ. यतिन गुप्ता के अनुसार मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से पेट दर्द, उल्टी, दस्त और फूड प्वाइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ हानिकारक रसायनों का लंबे समय तक सेवन लीवर और किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए त्योहार पर मिठाई खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर ध्यान देना जरूरी है।



















