Diwali Diya Vastu Tips: दिवाली पर घर को दीयों से रोशन करना हर किसी को पसंद होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वास्तु शास्त्र में दीये जलाने की दिशा और जगह को लेकर भी कुछ मान्यताएं बताई गई हैं? मान्यता है कि सही स्थान पर दीया जलाने से घर में शुभता और सकारात्मकता आती है। हालांकि, दीये जलाते समय सुरक्षा का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं दिवाली पर दीये जलाते समय किन 7 गलतियों से बचना चाहिए।
गलत दिशा में दीया जलाने से बचें
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की उत्तर-पूर्व यानी ईशान दिशा को पूजा-पाठ के लिए शुभ माना जाता है। इसके अलावा पूर्व और उत्तर दिशा में भी दीये जलाने की मान्यता है। हालांकि, दिशा के साथ जगह की सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है। दीया हमेशा ऐसी जगह रखें जहां उसके गिरने का खतरा न हो।
मुख्य दरवाजे पर दीया रखना न भूलें
दिवाली पर मुख्य दरवाजे को सजाना खास परंपरा है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर के प्रवेश द्वार के दोनों ओर दीये जलाना शुभ माना जाता है। ध्यान रखें कि दीये रास्ते के बीच में न हों और किसी के पैर से टकराकर गिरने की आशंका न रहे।
टूटे या चटके हुए दीयों का इस्तेमाल न करें
दिवाली की सफाई के दौरान पुराने मिट्टी के दीयों को इस्तेमाल करने से पहले जांच लें। टूटे या चटके हुए दीयों में तेल रिसने और उनके गिरने का खतरा रहता है। इसलिए केवल अच्छी स्थिति वाले दीयों का ही इस्तेमाल करें।
गंदगी और जूते-चप्पलों के पास न रखें दीया
दीये हमेशा साफ-सुथरी और स्थिर जगह पर रखें। कूड़ेदान, जूते-चप्पल रखने की जगह या गंदगी के पास दीया जलाने से बचें। मुख्य दरवाजे के आसपास भी पहले सफाई कर लें।
पूजा के दीये को सुरक्षित जगह पर रखें
लक्ष्मी-गणेश की पूजा के दौरान जलाए जाने वाले दीये को साफ और स्थिर स्थान पर रखें। इसे ऐसी जगह न रखें जहां पूजा करते समय हाथ लगने या दीया गिरने का खतरा हो। आसपास ज्वलनशील सामान भी न रखें।
पर्दों और सजावटी सामान से दूर रखें दीये
दिवाली पर घर में पर्दे, फूल और कागज की सजावट की जाती है। जलते दीये को इन चीजों से दूर रखें, क्योंकि इनमें आग जल्दी लग सकती है। बच्चों की पहुंच से भी दीये दूर रखें और जलते दीये को कभी अकेला न छोड़ें।
ज्यादा दीये जलाने के चक्कर में न करें लापरवाही
दिवाली पर घर को रोशन करने के लिए ज्यादा दीये जलाना अच्छा लगता है, लेकिन इनकी कोई एक तय संख्या हर घर के लिए जरूरी नहीं है। केवल उतने ही दीये जलाएं जिन्हें सुरक्षित जगह पर रखा जा सके। सजावट के साथ सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
























