Mental Health Awareness: दुनियाभर में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। World Health Organization (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार इस समय दुनिया का हर आठवां व्यक्ति किसी न किसी मानसिक विकार से प्रभावित है। यही वजह है कि स्विट्जरलैंड के जिनेवा में आयोजित 79वीं वर्ल्ड हेल्थ असेंबली में मेंटल हेल्थ को सबसे अहम मुद्दों में शामिल किया गया है।
एक अरब से ज्यादा लोग प्रभावित
WHO की रिपोर्ट बताती है कि दुनिया भर में एक अरब से अधिक लोग मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार युवाओं में इसका असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। महिलाओं में एंग्जायटी और डिप्रेशन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जबकि पुरुषों में आत्महत्या और नशे की प्रवृत्ति अधिक देखने को मिल रही है।
रिपोर्ट यह भी बताती है कि मानसिक स्वास्थ्य आज भी दुनिया के सबसे ज्यादा नजरअंदाज किए जाने वाले स्वास्थ्य संकटों में शामिल है। अधिकांश देश अपने कुल हेल्थ बजट का बहुत छोटा हिस्सा ही मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च करते हैं।
क्या होता है मेंटल डिसऑर्डर?
मेंटल डिसऑर्डर ऐसी स्थिति होती है, जो इंसान की सोच, व्यवहार और भावनाओं को प्रभावित करती है। इसमें डिप्रेशन, एंग्जायटी, बाइपोलर डिसऑर्डर, पीटीएसडी, सोशल फोबिया और स्किजोफ्रेनिया जैसी समस्याएं शामिल हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक एंग्जायटी और डिप्रेशन आज सबसे आम मानसिक बीमारियां बन चुकी हैं। कोविड-19 महामारी के बाद इन मामलों में अचानक तेजी दर्ज की गई है।
आत्महत्या के मामले भी बढ़े
मेंटल हेल्थ संकट का सबसे गंभीर पहलू आत्महत्या के बढ़ते मामले हैं। रिपोर्ट के अनुसार हर साल करीब 7 लाख से अधिक लोग आत्महत्या करते हैं। युवाओं में यह स्थिति और चिंताजनक है, क्योंकि 15 से 29 वर्ष की उम्र में आत्महत्या मौत के प्रमुख कारणों में शामिल हो चुकी है।
मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना खतरनाक
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते मानसिक समस्याओं की पहचान और इलाज न किया जाए, तो इसका असर व्यक्ति के रिश्तों, काम और पूरे जीवन पर पड़ सकता है। लंबे समय तक तनाव, अकेलापन और चिंता कई गंभीर मानसिक समस्याओं को जन्म दे सकते हैं।
कैसे रखें मानसिक स्वास्थ्य बेहतर?
मेंटल हेल्थ को बेहतर रखने के लिए संतुलित जीवनशैली बेहद जरूरी मानी जाती है। नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और योग या मेडिटेशन तनाव कम करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा अपनी भावनाओं को परिवार या दोस्तों के साथ साझा करना भी जरूरी है।
