Hot Beverages Health Risks: सुबह की चाय हो या शाम की कॉफी, कई लोगों के लिए यह रोजमर्रा की आदत है। परेशानी तब हो सकती है जब इसे इतना गर्म पिया जाए कि मुंह या गले में जलन महसूस होने लगे। इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) ने 65 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान वाले पेय पदार्थों को “बहुत गर्म” माना है और इनके सेवन तथा खाने की नली के कैंसर के बीच संभावित संबंध पाया है।
रिसर्च में क्या सामने आया?
ईरान में 50,045 लोगों पर की गई एक दीर्घकालिक स्टडी में चाय पीने के तापमान और खाने की नली के स्क्वैमस सेल कैंसर के जोखिम के बीच संबंध देखा गया। प्रतिभागियों की औसतन 10.1 साल तक निगरानी की गई। 60 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तापमान वाली चाय पीने वालों में कम तापमान वाली चाय की तुलना में जोखिम अधिक पाया गया।
एक अन्य मेटा-विश्लेषण में भी गर्म चाय के सेवन और खाने की नली के कैंसर के बीच संबंध पाया गया, हालांकि शोधकर्ताओं ने उपलब्ध साक्ष्यों की सीमाओं का उल्लेख किया है।
65 डिग्री सेल्सियस का मतलब कितना गर्म?
घर पर चाय या कॉफी का तापमान आमतौर पर थर्मामीटर से नहीं मापा जाता। ऐसे में अगर पेय इतना गर्म है कि उसे पीते ही मुंह या गले में जलन महसूस हो, तो कुछ देर इंतजार करना बेहतर है। IARC के अनुसार सामान्य तापमान से ज्यादा गर्म पेय की बजाय उसे ठंडा होने देना सावधानी का आसान तरीका है।
चाय-कॉफी छोड़ने की जरूरत नहीं
इन शोधों का मतलब यह नहीं है कि सामान्य तापमान पर चाय या कॉफी पीना कैंसर का कारण है। IARC ने खास तौर पर बहुत गर्म पेय और खाने की नली के कैंसर के बीच संभावित संबंध की बात कही है। इसलिए चाय-कॉफी पीना बंद करने के बजाय उसे बहुत गर्म अवस्था में पीने से बचना बेहतर है।


