Medical Awareness: अगर आप भरपेट खाना खाने के कुछ ही समय बाद फिर से भूख महसूस करने लगते हैं, तो इसे केवल सामान्य आदत मानकर नजरअंदाज करना सही नहीं है। मेडिकल भाषा में इस स्थिति को पॉलीफेजिया (Polyphagia) कहा जाता है। सामान्य रूप से भोजन के बाद शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिल जाती है और कई घंटों तक भूख नहीं लगती, लेकिन जब बार-बार खाने के बावजूद पेट भरा हुआ महसूस न हो, तो यह किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है।
डायबिटीज और थायराइड हो सकते हैं बड़ी वजह
विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार भूख लगने की सबसे आम वजहों में डायबिटीज शामिल है। जब शरीर इंसुलिन का सही उपयोग नहीं कर पाता, तो ग्लूकोज कोशिकाओं तक नहीं पहुंच पाता, जिससे शरीर ऊर्जा की कमी महसूस करता है और व्यक्ति बार-बार भूख महसूस करता है।
इसी तरह हाइपरथायराइडिज्म भी इसका एक प्रमुख कारण हो सकता है। इस स्थिति में थायराइड ग्रंथि अत्यधिक सक्रिय हो जाती है और शरीर तेजी से कैलोरी खर्च करता है। परिणामस्वरूप व्यक्ति को अधिक भूख लगती है और वजन भी तेजी से घट सकता है।
हार्मोनल असंतुलन और लो ब्लड शुगर भी जिम्मेदार
ब्लड शुगर का स्तर अचानक गिर जाना, जिसे हाइपोग्लाइसीमिया कहा जाता है, भी बार-बार भूख लगने का कारण बन सकता है। इस स्थिति में शरीर तुरंत ऊर्जा की मांग करता है और खाने की इच्छा बढ़ जाती है।
इसके अलावा भूख को नियंत्रित करने वाले हार्मोन जैसे लेप्टिन और ग्रेलिन का असंतुलन भी इस समस्या को जन्म दे सकता है। जब लेप्टिन के प्रति शरीर की संवेदनशीलता कम हो जाती है, तो व्यक्ति को पेट भरा होने के बावजूद भूख महसूस होती है।
तनाव और मानसिक स्वास्थ्य का असर
मानसिक तनाव और डिप्रेशन भी खाने की आदतों को प्रभावित करते हैं। तनाव के दौरान कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे भूख अधिक लग सकती है और व्यक्ति बार-बार खाने की इच्छा महसूस करता है।
कुछ दवाइयों के साइड इफेक्ट भी इस समस्या को बढ़ा सकते हैं, जिससे भूख सामान्य से अधिक हो जाती है।
किन लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है?
अगर बार-बार भूख लगने के साथ-साथ थकान, कमजोरी, चक्कर आना, अचानक वजन बढ़ना या घटना जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच करवाने से गंभीर बीमारियों का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकता है और सही इलाज संभव है।









