America Iran Tension: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरानी मीडिया और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के दक्षिणी हिस्सों में कई जगह जोरदार धमाकों की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि चाबहार और कोनारक जैसे रणनीतिक इलाकों में कई विस्फोट हुए, जिससे आसपास के क्षेत्रों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
रिपोर्टों के मुताबिक, बंदर अब्बास क्षेत्र में भी कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इसके बाद ईरान ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था और एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया। हालांकि, इन घटनाओं को लेकर अलग-अलग स्रोतों से अलग-अलग जानकारियां सामने आ रही हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
रणनीतिक ठिकानों को बनाया गया निशाना
रिपोर्टों में दावा किया गया है कि हमलों के दौरान ईरान के कुछ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें तटीय रडार सिस्टम, एंटी-शिप मिसाइल से जुड़े ठिकाने और एयर डिफेंस सिस्टम शामिल बताए जा रहे हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन घटनाओं के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
अबू मूसा द्वीप में भी धमाकों की खबर
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, फारस की खाड़ी में स्थित अबू मूसा द्वीप पर भी दो जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। यह द्वीप रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित है। दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। ऐसे में इस इलाके में किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि का असर वैश्विक व्यापार और समुद्री सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।
बुशहर बंदरगाह को लेकर भी चर्चा
रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि ईरान के अहम बुशहर बंदरगाह के आसपास भी हमले की जानकारी सामने आई है। बुशहर ईरान का महत्वपूर्ण व्यापारिक और सैन्य क्षेत्र माना जाता है। इसी इलाके में ईरान का प्रमुख परमाणु ऊर्जा संयंत्र और नौसेना का बड़ा सैन्य अड्डा भी मौजूद है। यदि इन दावों की पुष्टि होती है, तो इसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा और तनाव पर पड़ सकता है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति का बयान
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका की पहले से यह स्पष्ट नीति रही है कि यदि समुद्री जहाजों पर हमले नहीं होंगे, तो कार्रवाई भी नहीं होगी। लेकिन यदि जहाजों को निशाना बनाया जाएगा, तो अमेरिका उसका जवाब देगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी सुरक्षा और समुद्री मार्गों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाता रहेगा।



