Thursday, June 25, 2026
  • Login
News1India
  • राष्ट्रीय
  • देश
  • विदेश
  • राज्य ▼
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • बिहार
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
  • क्राइम
  • बिजनेस
  • टेक्नोलॉजी
  • धर्म
  • मौसम
  • ऑटो
  • खेल
🔍
Home विदेश

क्या फिर आने वाली है वैश्विक मंदी? America-China तनाव और तेल कीमतों में गिरावट से क्या संकट और गहराएगा

अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर और सऊदी अरब द्वारा तेल कीमतें घटाने से वैश्विक मंदी का खतरा बढ़ गया है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें गिरने से अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ने की आशंका है।

by SYED BUSHRA
April 9, 2025
in विदेश
Global recession risk due to oil prices and trade war
Share on FacebookShare on Twitter

Global recession risk due to oil prices and trade war : दुनियाभर की अर्थव्यवस्था पर एक बार फिर मंदी का खतरा मंडरा रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह है अमेरिका और चीन के बीच लगातार बढ़ता ट्रेड वॉर और सऊदी अरब का कच्चे तेल की कीमतें घटाने का फैसला। इस वजह से कच्चे तेल की कीमतें तेजी से गिर रही हैं और ब्रेंट क्रूड की कीमत चार साल के सबसे निचले स्तर पर आ चुकी है।

कितनी गिरी तेल की कीमतें?

ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 3.5% की गिरावट आई है और यह अब 60.60 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है। वहीं, डब्ल्यूटीआई क्रूड का दाम घटकर 57.28 डॉलर प्रति बैरल हो गया है। बाजार में यह गिरावट चिंता का विषय बन गई है क्योंकि इससे तेल उत्पादक देशों और वैश्विक बाजार दोनों पर असर पड़ रहा है।

RELATED NEWS

No Content Available

ट्रेड वॉर और तेल उत्पादन में बढ़ोतरी बनी वजह

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में कमोडिटी हेड अनुज गुप्ता ने बताया कि अमेरिका और चीन के बीच का बढ़ता व्यापारिक तनाव वैश्विक मांग को कमजोर कर रहा है। ऊपर से सऊदी अरब ने तेल उत्पादन बढ़ाने और कीमतों में कटौती का ऐलान कर दिया है, जिससे बाजार में गिरावट और तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो कच्चे तेल की कीमतें और गिर सकती हैं, और यह 52 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।

ओपेक देशों का फैसला भी जिम्मेदार

एक रिपोर्ट के मुताबिक, ओपेक और रूस समेत उनके सहयोगी देशों ने मई में 4.11 लाख बैरल प्रतिदिन उत्पादन बढ़ाने का फैसला लिया। इससे बाजार में अतिरिक्त आपूर्ति बढ़ गई है, जिससे कीमतों पर और दबाव आ गया है।

चीन-अमेरिका के बीच तनाव और गहराया

चीनी विश्लेषक लिन के अनुसार, अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ को लेकर विवाद और भी बढ़ गया है। चीन की आक्रामक नीति और अमेरिका की सख्त प्रतिक्रियाओं के चलते दोनों देशों के बीच समझौते की संभावना कम होती जा रही है। इन दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तनाव का असर पूरी दुनिया की आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है।अगर तेल की कीमतें यूं ही गिरती रहीं और अमेरिका-चीन के बीच टकराव और बढ़ा, तो दुनिया को एक और आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ सकता है। निवेशकों, व्यापारियों और सरकारों को इस स्थिति पर लगातार नजर रखनी होगी।

Tags: GlobalRecessionOilMarketCrisis
Share197Tweet123Share49

SYED BUSHRA

Related Posts

No Content Available
Next Post
Yogi govt

Yogi govt: योगी सरकार का बड़ा फैसला... महंगाई भत्ते में इजाफा, 16 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को राहत

Gujarat vs Rajasthan

Gujarat vs Rajasthan : IPL 2025 का महासंग्राम आज, जानें आज के मैच की प्लेइंग XI, पिच रिपोर्ट से जुड़ी ज़रूरी बातें...

News1India

Copyright © 2025 New1India

Navigate Site

  • About us
  • Privacy Policy
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • राष्ट्रीय
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • बिहार
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
  • क्राइम
  • बिजनेस
  • टेक्नोलॉजी
  • धर्म
  • मौसम
  • ऑटो
  • खेल

Copyright © 2025 New1India

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist