India Russia US Relations: अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio के भारत दौरे ने दुनिया की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है। उनकी भारत यात्रा के बाद चीन, ईरान और कई यूरोपीय देशों में हलचल तेज हो गई है। ईरान ने भी इस यात्रा पर तंज कसते हुए प्रतिक्रिया दी है। वहीं दूसरी तरफ रूस ने भारत को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
रूस ने फिर दिखाई दोस्ती
भारत और रूस की दोस्ती लंबे समय से मजबूत मानी जाती है। ऊर्जा संकट के दौर में भी रूस लगातार भारत के साथ खड़ा नजर आया है। जब दुनिया के कई देशों में तेल और गैस को लेकर परेशानी बढ़ रही थी, तब रूस ने भारत को भरोसा दिलाया था कि ऊर्जा सप्लाई में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
कुछ समय पहले रूस के विदेश मंत्री ने साफ कहा था कि भारत अपने फैसले खुद लेने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है। इस बयान को दुनिया ने भारत और रूस के मजबूत रिश्तों के संकेत के तौर पर देखा था।
रूस का नया बड़ा ऐलान
अब भारत में रूस के डिप्टी चीफ मिशन Roman Babushkin ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि रूस भारत के लिए कच्चे तेल का भरोसेमंद सप्लायर बना रहेगा। इसके साथ ही दोनों देश अब भारतीय शहरों में गैस सप्लाई, सीएनजी स्टेशन बढ़ाने और नई तेल-गैस व पेट्रोकेमिकल परियोजनाओं पर भी काम करने की संभावनाएं तलाश रहे हैं।
ऊर्जा संकट के बीच अहम बयान
रूस का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से पूरी दुनिया की एनर्जी सप्लाई प्रभावित हो रही है। इसके बावजूद रूस भारत को लगातार तेल सप्लाई कर रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग और मजबूत हो सकता है।
भारत-अमेरिका के बीच अहम चर्चा
भारत दौरे के दौरान मार्को रुबियो ने प्रधानमंत्री Narendra Modi और विदेश मंत्री S. Jaishankar से मुलाकात की। इस दौरान सुरक्षा, व्यापार, मिडिल ईस्ट संकट, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
वीजा मुद्दे पर भी हुई बात
बैठक के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने भारतीय नागरिकों को अमेरिकी वीजा मिलने में आ रही दिक्कतों का मुद्दा भी उठाया। इस पर मार्को रुबियो ने कहा कि भारतीय समुदाय अमेरिका की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देता है और अमेरिका इसे अच्छी तरह समझता है।
दुनिया की नजर भारत पर
भारत इस समय अमेरिका और रूस दोनों के साथ अपने रिश्तों को संतुलित तरीके से आगे बढ़ा रहा है। यही वजह है कि दुनिया की नजर भारत की विदेश नीति पर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ऊर्जा, व्यापार और सुरक्षा के मुद्दों पर भारत की भूमिका और मजबूत हो सकती है।




