Hormuz Attack: मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे कतर के एक LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) टैंकर पर हमला हुआ, जिसके बाद जहाज का इंजन खराब हो गया और वह समुद्र में फंस गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक हमले के बाद जहाज आगे बढ़ने की स्थिति में नहीं रहा। इस घटना ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं। हाल के दिनों में इस क्षेत्र में कई जहाजों पर हमलों की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
समुद्री व्यापार पर असर
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के तेल और LNG व्यापार का प्रमुख मार्ग माना जाता है। इस रास्ते से बड़ी मात्रा में ऊर्जा आपूर्ति एशिया और यूरोप तक पहुंचती है। जहाज पर हुए हमले और इंजन फेल होने की घटना के बाद कई शिपिंग कंपनियां अपने जहाजों की सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस क्षेत्र में तनाव इसी तरह बना रहा तो तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर भी पड़ सकता है।
कुवैत पर ड्रोन हमला
इसी बीच ईरान ने कुवैत पर ड्रोन हमला किया। रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले में एक सरकारी इमारत को नुकसान पहुंचा, हालांकि किसी बड़े जनहानि की सूचना नहीं है। कुवैत की सुरक्षा एजेंसियों ने हमले के बाद हालात की समीक्षा शुरू कर दी है और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब पूरे खाड़ी क्षेत्र में पहले से ही सैन्य गतिविधियां तेज हैं।
बढ़ता क्षेत्रीय तनाव
विशेषज्ञों का कहना है कि जहाजों पर हमले और ड्रोन अटैक जैसी घटनाएं मध्य पूर्व के संकट को और गहरा सकती हैं। कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है, जबकि समुद्री मार्गों की निगरानी भी बढ़ाई जा रही है। यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो इसका असर वैश्विक व्यापार, ऊर्जा बाजार और क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ सकता है।








