Kanpur Double Murder Case: मामूली बात पर खूनी विवाद, चाकू से हमला कर पिता-पुत्र की हत्या, चौकी इंचार्ज निलंबित

कानपुर में शराब ठेके के बाहर मामूली बाइक टक्कर के बाद हुए विवाद में पिता और बेटे की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आने पर चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है।

कानपुर के चकेरी इलाके में मामूली कहासुनी ने दो लोगों की जान ले ली। शराब ठेके के बाहर हुए इस खूनी झगड़े ने इलाके में दहशत फैला दी। घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठे हैं। घटनास्थल के आसपास सड़क और फुटपाथ पर नशेबाजों के लगातार जमावड़े को लेकर पुलिस की लापरवाही उजागर की थी। हैरानी की बात यह रही कि घटना स्थल से करीब 200 मीटर दूर पुलिस चौकी होने के बावजूद किसी को वारदात की भनक तक नहीं लगी।

घर लौटते समय हुआ विवाद

जानकारी के मुताबिक, चकेरी थाना क्षेत्र के सजारी कांशीराम कॉलोनी फेस-वन निवासी 57 वर्षीय शिवनारायण त्रिवेदी किदवई नगर स्थित कनक मार्बल में नौकरी करते थे। उनके साथ उनके बेटे सत्यम और शिवम भी वहीं काम करते थे।

रविवार रात तीनों एक ही बाइक से घर लौट रहे थे। रात करीब नौ बजे जब वे विराट नगर स्थित वृंदावन गेस्ट हाउस के पास पहुंचे, तभी शराब ठेके से निकले बाइक सवार युवकों की उनकी बाइक से टक्कर हो गई। आरोप है कि बाइक सवार करन वर्मा, शिवा वर्मा और उत्सव अवस्थी नशे में थे। टक्कर के बाद दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि आरोपितों ने हेलमेट से पिता और बेटों पर हमला करना शुरू कर दिया।

चाकू से किया हमला

झगड़े के दौरान मुख्य आरोपी करन वर्मा ने कमर से चाकू निकाला और पिता-पुत्रों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में शिवनारायण त्रिवेदी और उनके छोटे बेटे शिवम की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं बड़ा बेटा सत्यम गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के समय आसपास बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। कई लोग शराब के नशे में वहीं बैठे थे, लेकिन किसी ने पीड़ितों की मदद नहीं की। न ही किसी ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। बाद में राहगीरों के शोर मचाने पर भीड़ जमा हुई और एक आरोपी शिवा वर्मा को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया।

पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए आरोपी

मुख्य आरोपी करन वर्मा और उसका साथी उत्सव अवस्थी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने अगले दिन दोनों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में करन वर्मा के दोनों पैरों में गोली लगी। पुलिस ने चौथे आरोपी समीर गौतम को भी गिरफ्तार किया। उस पर आरोप है कि उसने आरोपियों को तमंचा और कारतूस उपलब्ध कराए और भागने में मदद की।

चौकी इंचार्ज निलंबित

डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि मामले की जांच में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। इलाके में नियमित गश्त नहीं हो रही थी और शराब ठेके के बाहर हो रही गतिविधियों पर भी कोई सख्ती नहीं थी। इसी वजह से चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी और उनकी हिस्ट्रीशीट भी खोली जाएगी। साथ ही अब रोज शाम से शराब ठेका बंद होने तक इलाके में पुलिस बल तैनात रहेगा।

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