उत्तर प्रदेश के कानपुर में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। पनकी पड़ाव इलाके में एक मकान के दो कमरों की छत अचानक ढह गई। हादसे के वक्त परिवार के सभी सदस्य घर में सो रहे थे। मलबे में दबकर 21 दिन के नवजात बच्चे, उसकी मां और दादी की जान चली गई, जबकि बच्चे के पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
जर्जर मकान की छत अचानक ढही
पुलिस के मुताबिक, हादसा रविवार सुबह करीब 8 बजे हुआ। मकान की छत काफी जर्जर हालत में थी। उसे सहारा देने के लिए कई जगह लकड़ी की बलियां लगाई गई थीं। इसके बावजूद अचानक छत ढह गई और परिवार के सदस्यों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।
मलबे में दबे चार लोग, तीन की मौत
छत गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों और पुलिसकर्मियों ने मिलकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद मलबे में दबे चारों लोगों को बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया।
डॉक्टरों ने 60 वर्षीय विनोदिनी शुक्ला, उनकी 28 वर्षीय बहू अंशिका शुक्ला और अंशिका के 21 दिन के बेटे आरव शुक्ला को मृत घोषित कर दिया। वहीं, विनोदिनी के 32 वर्षीय बेटे हर्ष शुक्ला गंभीर रूप से घायल हैं। उनका इलाज चल रहा है।
चार साल पहले हुई थी हर्ष की शादी
पनकी थाना प्रभारी दिनेश सिंह के मुताबिक, हर्ष की शादी चार साल पहले हुई थी। वह इलाके में इलेक्ट्रिकल सामान की दुकान चलाते हैं। इस हादसे में उन्होंने अपनी मां, पत्नी और नवजात बेटे को खो दिया।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे
कानपुर पश्चिम के डीसीपी एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव कार्य में मदद की। तीनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की गई और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।





















