Kanpur Fire: तीन मंजिला मकान में लगी भीषण आग, नींद से जागे लोगों ने मचाया शोर, दोनों परिवार सुरक्षित

कानपुर के स्वरूप नगर में सोमवार तड़के तीन मंजिला मकान में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। दमकलकर्मियों ने सीढ़ी और सुरक्षा उपकरणों की मदद से दोनों परिवारों और दो पालतू कुत्तों को सुरक्षित बचाया।

बाराबंकी के सुबेहा थाने में रविवार को दो पक्षों के बीच विवाद सुलझाने के लिए पंचायत चल रही थी। पुलिस की मौजूदगी में समझौते की बातचीत हो रही थी, तभी गर्भवती युवती को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। अस्पताल ले जाने से पहले ही उसने थाने के परिसर में सात महीने के प्रीमेच्योर बच्चे को जन्म दे दिया। अचानक हुई इस घटना से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

थाने में चल रहा समझौता

जानकारी के मुताबिक सुबेहा क्षेत्र की रहने वाली युवती का इसी इलाके के एक युवक से प्रेम संबंध था। दोनों के बीच संबंध के बाद युवती गर्भवती हो गई थी। परिवार की ओर से कुछ दिन पहले उसकी शादी कोठी क्षेत्र में कर दी गई थी। शादी के बाद गर्भावस्था की जानकारी सामने आने पर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया।

मामले को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश की गई। बताया गया कि दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी कि प्रसव और उससे जुड़े इलाज का पूरा खर्च युवती का प्रेमी और उसका परिवार उठाएगा। इसी समझौते को अंतिम रूप देने के लिए रविवार को सभी लोग थाने पहुंचे थे।

पति और प्रेमी साथ पहुंचे

रविवार को युवती अपने पति के साथ सुबेहा थाने पहुंची। उसके साथ प्रेमी और दोनों परिवारों के लोग भी मौजूद थे। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। आखिरकार मामले में समझौता हो गया और तय धनराशि के लेनदेन की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई।

समझौता होने के बाद शायद वहां मौजूद लोगों को लगा कि मामला शांत हो गया है। लेकिन कुछ ही देर में अचानक युवती की तबीयत बिगड़ने लगी। उसे तेज प्रसव पीड़ा होने लगी, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोग उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे।

थाने में ही हुआ प्रसव

अस्पताल पहुंचाने की तैयारी चल ही रही थी कि युवती की हालत तेजी से बिगड़ गई। इसके बाद उसने थाने के परिसर में ही बच्चे को जन्म दे दिया। अचानक हुए प्रसव से पुलिसकर्मियों और वहां मौजूद दोनों पक्षों के लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई।

इसके बाद मां और नवजात को तत्काल सीएचसी हैदरगढ़ पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने दोनों की जांच कर इलाज शुरू किया। थाने में हुए इस अप्रत्याशित घटनाक्रम की चर्चा इलाके में भी होने लगी।

सात माह का प्रीमेच्योर बच्चा

सीएचसी प्रभारी डॉ. जय शंकर पांडेय ने बताया कि नवजात करीब सात महीने का प्रीमेच्योर बच्चा है। प्राथमिक उपचार के बाद मां और बच्चे को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

समय से पहले जन्म होने के कारण नवजात को विशेष चिकित्सा निगरानी की जरूरत है। डॉक्टरों की सलाह पर उसे आगे के उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। मां की स्थिति के बारे में फिलहाल किसी गंभीर समस्या की जानकारी सामने नहीं आई है।

समझौते के दौरान हुआ प्रसव

सुबेहा कोतवाल बेचू सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच विवाद को लेकर समझौता हो चुका था। समझौते के दौरान ही महिला को अचानक प्रसव पीड़ा हुई और उसने थाना परिसर में बच्चे को जन्म दे दिया।

जिस मामले को सुलझाने के लिए पति, प्रेमी और दोनों परिवार पुलिस के पास पहुंचे थे, वहां कुछ ही देर में ऐसा घटनाक्रम हो गया जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। फिलहाल मां और नवजात को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।

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