PM Modi targets the opposition: संसद का शीतकालीन सत्र शुरू: अडानी और वक्फ बिल पर विपक्ष का हंगामा तय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शीतकालीन संसद सत्र की शुरुआत में सांसदों से स्वस्थ चर्चा की अपील की। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि जिन लोगों को जनता ने नकारा है, वे संसद की कार्यवाही में रुकावट डाल रहे हैं।

PM Modi

PM Modi on Winter Parliament Session: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शीतकालीन संसद सत्र की शुरुआत के दौरान सांसदों से स्वस्थ और सार्थक चर्चा करने की अपील की। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोग संसद में चर्चा रोकने का प्रयास कर रहे हैं, जिनको जनता ने बार-बार नकारा है। पीएम मोदी ने कहा कि यह समय है जब हम संसद में जनता की भावनाओं का सम्मान करें और संसद को उद्देश्यपूर्ण तरीके से चलाएं। उन्होंने इस सत्र को विशेष करार देते हुए इसे संविधान के 75 वर्षों के मौके से जोड़ते हुए, संसद में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की जरूरत बताई।

पीएम मोदी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “यह संसद सत्र बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि हम संविधान के 75वें साल में प्रवेश कर रहे हैं। यह लोकतंत्र के लिए एक उज्जवल अवसर है।” उन्होंने कहा कि संसद में स्वस्थ चर्चा होनी चाहिए और सभी सांसदों को इसमें अपनी भागीदारी निभानी चाहिए।

संसद का शीतकालीन सत्र शुरू, अडानी और वक्फ बिल पर होगी गरम बहस

संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। इस बार सत्र के पहले दिन लोकसभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद संसद में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं। महाराष्ट्र में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने प्रचंड जीत दर्ज की है, जबकि झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाले गठबंधन की विजय हुई। भाजपा के सांसद इस जीत के बाद संसद में नए जोश के साथ उपस्थित हैं।

विपक्षी दलों ने अडानी समूह के खिलाफ अमेरिका में लगे आरोपों पर संसद में चर्चा कराने की मांग की है, जिससे संसद में हंगामे की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा वक्फ बिल पर भी चर्चा हो सकती है। इस सत्र से जुड़ी एक महत्वपूर्ण बात यह है कि अब सांसद अपने दस्तावेजों पर डिजिटल हस्ताक्षर करेंगे, जो संसद की कार्यवाही में एक नया बदलाव होगा। इस सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है, जिनसे आगामी चुनावों में राजनीति की दिशा तय हो सकती है।

PM Modi ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थ के चलते संसद में व्यवधान डालने का प्रयास कर रहे हैं। “जो लोग जनता द्वारा बार-बार नकारे गए हैं, वे संसद को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं। उनका उद्देश्य संसद की कार्यवाही रोकने से ज्यादा कुछ नहीं है, लेकिन देश की जनता उन्हें देखकर उनके व्यवहार को पहचानती है और समय आने पर उन्हें इसका परिणाम भी भुगतना पड़ता है,” उन्होंने कहा।

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PM Modi ने यह भी कहा कि जिन सांसदों को जनता ने चुना है, उनका दायित्व है कि वे सदन में चर्चा करें और लोकतंत्र की भावना का सम्मान करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोकतांत्रिक परंपरा के अनुसार हर पीढ़ी का कार्य अगली पीढ़ी को तैयार करना है, और इसके लिए संसद में खुलकर विचार-विमर्श जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह सत्र फलदायी और परिणामकारी होगा। “हमें जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना होगा। हमें संसद में बिताए गए समय का सदुपयोग करना होगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां हमें प्रेरणा प्राप्त कर सकें,” उन्होंने कहा।

आखिरकार, पीएम मोदी ने सभी सांसदों से आग्रह किया कि वे अपने विचारों को साझा करें और संसद में लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करते हुए, भारत को और भी समृद्ध बनाने के लिए कार्य करें।

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