लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर कस्टम की एयर इंटेलिजेंस यूनिट यानी AIU ने खुफिया सूचना के आधार पर एक अंतरराष्ट्रीय यात्री को निगरानी में लिया। यात्री ओमान एयर की फ्लाइट संख्या WY-265 से मस्कट होते हुए लखनऊ पहुंचा था। जांच के दौरान उसके सामान की तलाशी ली गई, जिसमें करोड़ों रुपये कीमत का प्रतिबंधित नशीला पदार्थ मिलने से अधिकारियों के होश उड़ गए।
सी-फूड के डिब्बे
अधिकारियों ने यात्री के बैगेज की गहन जांच की तो उसमें रखे सी-फूड के टिन के डिब्बों पर शक हुआ। डिब्बों को खोलकर जांच की गई तो उनके अंदर संदिग्ध पदार्थ छिपाकर रखा मिला। जांच के बाद इसकी पहचान उच्च गुणवत्ता वाले हाइड्रोपोनिक गांजे के रूप में हुई। आरोपी ने कथित तौर पर इसे इस तरह पैक किया था कि सामान्य जांच के दौरान आसानी से पकड़ में न आए।
1.677 किलो गांजा
AIU ने डिब्बों से बरामद 1.677 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजे को जब्त कर लिया। अधिकारियों के अनुसार, जब्त नशीले पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1.67 करोड़ रुपये है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यात्री यह खेप बैंकॉक से लेकर चला था और मस्कट के रास्ते लखनऊ पहुंचा। बरामदगी के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी गई।
NDPS एक्ट में केस
मामले में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट यानी NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसियां आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि वह इस प्रतिबंधित पदार्थ को लेकर कहां जाने वाला था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि तस्करी के लिए खेप की पैकिंग और सप्लाई की व्यवस्था किसने की थी।
नेटवर्क की तलाश
जांच एजेंसियों का फोकस अब इस खेप से जुड़े पूरे नेटवर्क पर है। अधिकारियों को शक है कि बैंकॉक से लाई गई यह खेप उत्तर प्रदेश या देश के किसी अन्य हिस्से में सप्लाई की जानी थी। इसी को देखते हुए संभावित स्थानीय तस्करों और अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बैंकॉक से कनेक्शन
पूरे मामले में बैंकॉक से लखनऊ तक खेप पहुंचने की कड़ी अहम मानी जा रही है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी को गांजा किसने दिया और लखनऊ पहुंचने के बाद इसे किसे सौंपा जाना था। कस्टम अधिकारियों की कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा संभावित सप्लाई नेटवर्क तक बढ़ाया जा रहा है।









