Lucknow Accident: लखनऊ के महानगर थाना क्षेत्र के विज्ञानपुरी मोहल्ले में गुरुवार दोपहर एक निर्माणाधीन 16 मंजिला अपार्टमेंट में बड़ा हादसा हो गया। यहां सातवें तल पर प्लास्टर का काम कर रहे चार मजदूर अचानक पाढ़ टूटने से नीचे गिर गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद कर्मचारियों और व्यवस्थाधिकारियों ने तुरंत सभी मजदूरों को बाहर निकाला और इलाज के लिए क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हादसे में एक मजदूर का पैर टूट गया है, जबकि दो अन्य की हालत गंभीर बताई जा रही है। चौथे मजदूर को अपेक्षाकृत कम चोट आई है।
सातवीं मंजिल पर काम
एसीपी महानगर अंकित कुमार के मुताबिक, हादसे में घायल मजदूरों की पहचान बिहार के समस्तीपुर निवासी छोटू कुमार (28), सुरेंद्र कुमार (45), निक्कू (24) और मोनू (25) के रूप में हुई है। बताया गया कि चारों मजदूर निर्माणाधीन अपार्टमेंट की सातवीं मंजिल पर दीवारों पर प्लास्टर कर रहे थे। इसके लिए लोहे के पाइप से पाढ़ तैयार की गई थी। पाइपों को किनारे पर खंभों और शटरिंग से बांधा गया था। चारों मजदूर इसी अस्थायी पाढ़ पर खड़े होकर निर्माण कार्य में जुटे हुए थे।
अचानक टूट गई पाढ़
प्लास्टर का काम चल ही रहा था कि अचानक लोहे का पाइप टेढ़ा हो गया। इसके बाद पाढ़ का संतुलन बिगड़ गया और वह टूट गई। पाढ़ टूटते ही चारों मजदूर नीचे गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद उनकी चीख-पुकार सुनकर निर्माण स्थल पर मौजूद कर्मचारी और व्यवस्थाधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि चारों मजदूर शटरिंग के नीचे दब गए थे। कर्मचारियों ने आनन-फानन में उन्हें बाहर निकाला और निजी अस्पताल पहुंचाया।
तीन की हालत नाजुक
अस्पताल में भर्ती चारों मजदूरों में तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। एक मजदूर के पैर में फ्रैक्चर हुआ है, जबकि दो अन्य मजदूरों को भी काफी चोटें आई हैं। चौथे मजदूर की स्थिति सामान्य बताई गई है। एसीपी महानगर ने बताया कि सभी घायलों का उपचार जारी है। पुलिस के मुताबिक, फिलहाल घटना को लेकर कोई लिखित तहरीर नहीं मिली है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
मौके पर पहुंचे अधिकारी
निर्माणाधीन अपार्टमेंट में हादसे की जानकारी मिलते ही महानगर पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके साथ ही जिला प्रशासन और लखनऊ विकास प्राधिकरण यानी एलडीए के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके की स्थिति और निर्माण कार्य से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। फिलहाल पुलिस की जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पाढ़ टूटने की वजह क्या थी और निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
हादसा बना रहस्य
घटना की सूचना मिलने के बाद जब मीडियाकर्मी अपार्टमेंट पहुंचे तो वहां मौजूद व्यवस्थाधिकारियों और कर्मचारियों ने कथित तौर पर तुरंत गेट बंद कर दिया। किसी को भी घटनास्थल के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। हादसे के बारे में जानकारी लेने पर भी वहां मौजूद लोगों ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इस वजह से कुछ समय तक घटना को लेकर स्थिति साफ नहीं हो सकी और हादसा रहस्य बना रहा।
रेस्क्यू टीम ने की जांच
हादसे के बाद यह सूचना भी फैल गई कि निर्माण स्थल पर कुछ अन्य मजदूर भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं। जानकारी मिलते ही हजरतगंज फायर स्टेशन से रेस्क्यू टेंडर और दमकलकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे। टीम ने अपार्टमेंट के अंदर जाकर करीब आधे घंटे तक घटनास्थल की जांच की। हालांकि, तलाशी के दौरान किसी अन्य मजदूर के दबे होने की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद दमकलकर्मी वापस लौट गए। फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।
