Lucknow Fire Tragedy : लखनऊ अग्निकांड के बाद निलंबित अधिकारी की CM Yogi खुली चिट्ठी, कार्रवाई पर उठाए सवाल

लखनऊ अग्निकांड के बाद निलंबित किए गए एफएसएसओ कमलेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुला पत्र लिखकर अपने निलंबन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने जिम्मेदारी तय करने के तरीके पर आपत्ति जताई है।

Lucknow Fire Tragedy Controversy: लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद निलंबित किए गए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिकारी (एफएसएसओ) कमलेंद्र सिंह ने अपने खिलाफ हुई कार्रवाई का विरोध किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक खुली चिट्ठी लिखकर अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि हादसे के लिए उन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है, जिनकी जिम्मेदारी सीमित थी और जिनके पास बड़े स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था लागू करने का अधिकार नहीं था।

अधिकार क्षेत्र का दिया हवाला

कमलेंद्र सिंह ने अपने पत्र में लिखा है कि उनके विभाग के पास किसी इमारत को फायर एनओसी या फायर क्लियरेंस देने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि भवनों में अग्नि सुरक्षा से जुड़े नियमों की निगरानी और मंजूरी देने की मुख्य जिम्मेदारी संबंधित फायर विभाग और मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) की होती है।

अवैध व्यावसायिक उपयोग का मुद्दा

पत्र में उन्होंने यह भी दावा किया कि जिस इमारत में आग लगी, उसे मूल रूप से रिहायशी भवन के रूप में मंजूरी मिली थी। बाद में उसका उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जाने लगा। कमलेंद्र सिंह का कहना है कि इस तरह के बदलाव और भवन के उपयोग की जानकारी संबंधित अधिकारियों को होनी चाहिए थी। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भवन वर्षों से व्यावसायिक उपयोग में था, तो इस पर पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

फायर विभाग की भूमिका पर सवाल

कमलेंद्र सिंह ने आग बुझाने में हुई देरी का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई होती, तो नुकसान को कम किया जा सकता था। उन्होंने पत्र में कहा कि पूरे मामले में जिम्मेदारी तय करते समय सभी संबंधित विभागों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री से की पुनर्विचार की मांग

निलंबित अधिकारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया है कि उनके निलंबन के फैसले पर दोबारा विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई करना उचित नहीं है। साथ ही उन्होंने मांग की कि जिन अधिकारियों की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी बनती है, उनके खिलाफ भी आवश्यक कार्रवाई की जाए।

क्या हुआ था लखनऊ में?

अलीगंज स्थित तीन मंजिला इमारत में 22 जून को भीषण आग लग गई थी। इस हादसे में छात्रों सहित 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 9 लोग घायल हुए थे। शुरुआती जांच में आशंका जताई गई कि तहखाने में लगे एयर कंडीशनिंग सिस्टम में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी हो सकती है। हालांकि, आग लगने की सटीक वजह की जांच अभी जारी है।

कई लोगों पर हुई कार्रवाई

हादसे के बाद पुलिस ने भवन मालिकों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया। वहीं प्रशासन ने जिम्मेदारी तय करते हुए चार सरकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया। इनमें कार्यकारी अभियंता गौरव कुमार, एफएसएसओ कमलेंद्र सिंह, सहायक अभियंता अनिल कुमार और जूनियर इंजीनियर प्रमोद पांडे शामिल हैं। मामले की जांच अभी जारी है और प्रशासन आगे की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए है।

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