लखनऊ में हिस्ट्रीशीटर की हत्या से सनसनी, सिर कुचल शव स्कूल के पीछे खाली प्लॉट में फेंका गया

लखनऊ में हिस्ट्रीशीटर सचिन यादव की हत्या कर शव को खाली प्लॉट में फेंक दिया गया। पुलिस को पुरानी रंजिश का शक है और मामले की जांच जारी है।

History-Sheeter Murder in Lucknow: लखनऊ के शहीद पथ के पास स्थित अवध विहार योजना में एक युवक की हत्या से इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान 30 वर्षीय सचिन यादव के रूप में हुई है, जो एक हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है। बदमाशों ने उसकी बेरहमी से हत्या कर दी और शव को छिपाने के लिए स्कूल के पीछे खाली प्लॉट में फेंक दिया।

दुर्गंध से खुला मामला

मंगलवार सुबह स्थानीय लोगों को इलाके में तेज दुर्गंध महसूस हुई। जब उन्होंने आसपास देखा, तो एक शव पड़ा मिला। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। लोगों की मदद से शव की पहचान सचिन यादव के रूप में हुई, जो नीलमथा क्षेत्र का रहने वाला था।

हाल ही में जेल से छूटा था

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सचिन पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा था। उसके खिलाफ मारपीट, जानलेवा हमला और एससी-एसटी एक्ट जैसे कई केस दर्ज थे। वह कुछ समय पहले जेल में था और करीब दो हफ्ते पहले ही जमानत पर बाहर आया था।
बताया जा रहा है कि वह दो दिन पहले अपने दोस्तों के साथ पार्टी करने गया था, जिसके बाद से वह लापता था।

हत्या कहीं और, शव यहां फेंका गया

पुलिस और फोरेंसिक टीम की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि हत्या घटनास्थल पर नहीं हुई। मौके पर किसी तरह के संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि बदमाशों ने सचिन की हत्या कहीं और की और बाद में शव को यहां लाकर फेंक दिया।
सचिन के सिर के पास गंभीर चोट के निशान मिले हैं, जिससे साफ है कि उसकी हत्या सिर कुचलकर की गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

पुरानी रंजिश की आशंका

पुलिस का मानना है कि इस हत्या के पीछे पुरानी दुश्मनी हो सकती है। जानकारी के मुताबिक, सचिन का अपने पड़ोसी विजय यादव से विवाद चल रहा था। करीब छह महीने पहले उसके छोटे भाई सोनू यादव की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए थे। उसी विवाद में सचिन हाल ही में जेल गया था और जमानत पर बाहर आया था। फिलहाल उसके पिता भी जेल में बंद हैं।

जांच में जुटी पुलिस

पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। मौके से कोई मोबाइल फोन या अन्य सामान नहीं मिला है, जिससे जांच और पेचीदा हो गई है। अभी तक परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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