Lucknow Novotel Scientist Death:उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विभूतिखंड स्थित नोवोटेल होटल में मंगलवार को एक युवा वैज्ञानिक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया। मृतक की पहचान महराजगंज जिले के सिसवा बाजार क्षेत्र के बीजापार आसमान छपरा गांव निवासी 22 वर्षीय राहुल सिंह के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही विभूतिखंड पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और कमरे की बारीकी से जांच की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
चेकआउट के समय नहीं खुला दरवाजा
पुलिस के अनुसार राहुल सिंह सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे नोवोटेल होटल में ठहरे थे। मंगलवार सुबह उनका चेकआउट निर्धारित था, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी वह कमरे से बाहर नहीं आए। होटल कर्मचारियों ने कई बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। संदेह होने पर होटल प्रबंधन ने तुरंत विभूतिखंड पुलिस को सूचना दी।
पुलिस टीम मौके पर पहुंची और होटल कर्मचारियों की मदद से कमरे का दरवाजा खोला। अंदर राहुल सिंह बेड पर अचेत अवस्था में पड़े मिले। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके से मिले मोबाइल फोन और दस्तावेजों के आधार पर परिजनों को घटना की जानकारी दी।
फॉरेंसिक टीम जुटी, मौत के कारणों की जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने कमरे से आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच हर पहलू को ध्यान में रखकर की जा रही है और किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
कम उम्र में हासिल की थीं कई बड़ी उपलब्धियां
राहुल सिंह प्रतिभाशाली युवा वैज्ञानिक और इनोवेटर थे। उन्होंने गोरखपुर के एबीसी पब्लिक स्कूल, दिव्यनगर से शिक्षा प्राप्त की थी। 12वीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान उन्होंने बैटरी से चलने वाला ट्रैक्टर बनाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था।
वह मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के डिजाइन इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन सेंटर से जुड़े थे, जहां रिसर्च और नवाचार के क्षेत्र में कार्य कर रहे थे। महज 13 वर्ष की उम्र से लगातार तीन वर्षों तक इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल में पहला स्थान हासिल करना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा।
रोटी मेकर से लेकर छोटे ड्रोन तक किए विकसित
राहुल सिंह ने वर्ष 2018 में रोटी मेकर, 2019 में बैटरी से चलने वाली इको-फ्रेंडली साइकिल और 2020 में कोरोना काल के दौरान बैटरी चालित ट्रैक्टर तैयार किया था। बताया जाता है कि उनके ट्रैक्टर की बैटरी को बार-बार चार्ज करने की आवश्यकता नहीं पड़ती थी। इसके अलावा उन्होंने कई छोटे ड्रोन भी विकसित किए थे। उनकी असामयिक मौत से परिवार, शिक्षकों और विज्ञान जगत में शोक की लहर है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
