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महाकुंभ में छाई सबसे सुंदर साध्वी कौन हैं? पहले थीं एक्ट्रेस… सोशल मीडिया पर वायरल

Maha Kumbh 2025
Maha Kumbh 2025 : महाकुंभ 2025 का शुभारंभ आज, यानी 13 जनवरी को हो चुका है, और यह पवित्र मेला 26 फरवरी तक जारी रहेगा। हिंदू धर्म के सबसे बड़े उत्सव में आज लाखों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में स्नान करने पहुंचे हैं। सोशल मीडिया पर महाकुंभ के कई अद्वितीय दृश्य वायरल हो रहे हैं, जिनमें नागा साधुओं के हठयोग से लेकर संतों की तपस्या तक शामिल हैं। इस बीच, महाकुंभ में आई एक साध्वी का वीडियो भी इंटरनेट पर तेजी से फैल रहा है, जिसे देख लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं, कुछ लोग उनकी साधना की सराहना कर रहे हैं, तो कुछ लोग आलोचना भी कर रहे हैं।

साधवी ने पत्रकार महिला से क्या कहा ?

एक वायरल वीडियो में एक महिला पत्रकार एक रथ पर सवार साध्वी से सवाल पूछती नजर आ रही हैं। पत्रकार साध्वी से पूछती हैं कि वे कहां से आई हैं, तो साध्वी बताती हैं कि वे उत्तराखंड से आई हैं और आचार्य महामंडलेश्वर की शिष्या हैं। फिर पत्रकार पूछती हैं कि इतनी खूबसूरत होने के बावजूद आपने संन्यास जीवन क्यों अपनाया? क्या आपके मन में कभी संन्यास छोड़कर कुछ और करने का ख्याल नहीं आया? इस पर साध्वी कहती हैं, “जो मुझे करना था, वह मैंने किया। अब मैं सब कुछ छोड़कर यहां आई हूं।”

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पत्रकार आगे पूछती हैं कि इस जीवन में ऐसा क्या था, जिससे आपने सब कुछ त्याग कर यह मार्ग अपनाया? साध्वी का जवाब होता है, “मुझे इस रास्ते पर शांति और सुकून मिला।” फिर पत्रकार उनकी उम्र पूछती हैं, तो साध्वी अपनी उम्र 30 वर्ष बताती हैं और कहती हैं कि वे पिछले दो साल से संन्यास जीवन जी रही हैं।

वायरल हुआ वीडियो

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, खासकर इंस्टाग्राम पर @pyari_shubhi नाम के अकाउंट से इसे लाखों लोगों ने देखा और लाइक किया। इस वीडियो पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोगों ने साध्वी के संन्यास जीवन की सराहना की, तो कई लोगों ने उन्हें ढोंगी और पाखंडी करार दिया।

एक यूजर ने टिप्पणी की, “यह सब नाटक है, साध्वी लोग बाल रंगती हैं, आईब्रो और मेकअप करती हैं, और ये तो कह रही हैं कि वे दो साल से संन्यास में हैं।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली।” जबकि एक तीसरे ने कहा, “साध्वी शब्द का सम्मान तब तक था जब तक माता देवहूति और माता अनसूया जैसी महान महिलाओं का उल्लेख था, उनके बाद साध्वी शब्द का प्रयोग सिर्फ अपमान ही है।”

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