Meerut Double Murder: दोहरे हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, नाबालिग बेटी की गवाही बनी सबसे मजबूत सबूत

मेरठ के चर्चित डबल मर्डर केस में कोर्ट ने आरोपी समीर को उम्रकैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। नाबालिग बेटी सानिया की गवाही फैसले की सबसे अहम कड़ी बनी। उसे जुर्माने का आधा हिस्सा मिलेगा।

Meerut Double Murder Verdict: समीर को उम्रकैद मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र की सिटी कॉलोनी में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी समीर उर्फ हसीन को उम्रकैद की सजा दी है। इसके साथ ही उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने आदेश दिया कि जुर्माने की आधी रकम पीड़ित बेटी सानिया को दी जाएगी। यह फैसला करीब चार साल बाद आया, जिससे परिवार को कुछ हद तक न्याय मिलने का एहसास हुआ।

बेटी की गवाही बनी सबसे बड़ी ताकत

इस मामले में सबसे अहम भूमिका दंपती की नाबालिग बेटी सानिया की गवाही ने निभाई। घटना वाली रात उसने अपनी आंखों से आरोपी को अपने माता-पिता पर हमला करते देखा था। उसने अदालत में बताया कि समीर को पूरा परिवार मामा कहकर बुलाता था, लेकिन उसी ने उसके मां-बाप की बेरहमी से हत्या कर दी। सुरक्षा कारणों से सानिया के बयान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दर्ज किए गए, जिन्हें अदालत ने भरोसेमंद माना।

क्या था पूरा मामला

यह घटना 20 सितंबर, 2021 की रात की है। सिटी कॉलोनी में रहने वाले आबाद और उनकी पत्नी जाविदा की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। आरोपी समीर उसी रात उनके घर मेहमान की तरह रुका हुआ था। रात में अचानक शोर सुनकर सानिया जाग गई। उसने देखा कि समीर दाव और चाकू से उसके माता-पिता पर लगातार हमला कर रहा है। वह चिल्लाती रही, लेकिन आरोपी नहीं रुका। बाद में पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार भी बरामद कर लिए थे।

14 गवाहों ने रखे अहम बयान

मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत में कुल 14 गवाहों के बयान दर्ज हुए। सानिया के अलावा उसके भाई शादाब और पड़ोसी दिलशाद की गवाही भी अहम रही। दिलशाद ने बताया कि उसने घटना से पहले आरोपी को घर में जाते देखा था। पुलिस अधिकारियों ने भी जांच के दौरान मिले सबूत अदालत के सामने पेश किए, जिससे आरोपी के खिलाफ मामला मजबूत हुआ।

कोर्ट ने कही सख्त बात

फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि किसी के घर मेहमान बनकर रुकना और फिर उसी परिवार के लोगों की गला रेतकर हत्या कर देना बेहद गंभीर और समाज को झकझोर देने वाला अपराध है। अदालत ने यह भी कहा कि मासूम बच्ची अपने माता-पिता को बचाने के लिए चिल्लाती रही, लेकिन आरोपी ने उसके सामने ही वारदात को अंजाम दिया।

फांसी की उम्मीद थी सानिया को

फैसले की जानकारी मिलने के बाद सानिया ने अपने पैरोकार से फोन पर बात की। उसने कहा कि चार साल से वह अपने माता-पिता के हत्यारे को सजा मिलने का इंतजार कर रही थी। उम्रकैद की सजा से उसे राहत जरूर मिली, लेकिन अगर आरोपी को फांसी की सजा मिलती तो उसे और ज्यादा सुकून मिलता। उसने यह भी कहा कि उस रात का डरावना दृश्य आज भी उसके मन से नहीं निकला है।

हत्या की वजह क्या थी

पुलिस जांच में सामने आया था कि समीर और जाविदा के बीच पहले प्रेम संबंध थे। बाद में दोनों के रिश्तों में खटास आ गई थी। समीर को शक था कि जाविदा किसी दूसरे युवक के संपर्क में है। इसी नाराजगी में उसने पहले से बनाई योजना के तहत जाविदा और उसके पति आबाद की धारदार हथियारों से हत्या कर दी। फिलहाल समीर मेरठ की जिला जेल में बंद है।

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