New Rules:1 सितंबर 2026 से देश में कई ऐसे बदलाव लागू हुए हैं, जिनका सीधा असर लोगों की जेब और रोजमर्रा के खर्च पर पड़ सकता है। तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतें बढ़ा दी हैं। कोलकाता में यह सिलेंडर अब 2,884 रुपये, दिल्ली में 2,747.50 रुपये, मुंबई में 2,701 रुपये और चेन्नई में 2,916.50 रुपये का हो गया है। हालांकि 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कमर्शियल गैस महंगी होने से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और कैटरिंग कारोबार की लागत बढ़ सकती है।
मुंबई में दूध महंगा
मुंबई में भी 1 सितंबर से थोक दूध की कीमत बढ़ गई है। बॉम्बे मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के मुताबिक थोक दूध अब 93 रुपये से बढ़कर 102 रुपये प्रति लीटर हो गया है। यह नई दर 28 फरवरी 2027 तक लागू रहने वाली है। तमिलनाडु में भी एविन्स दूध के खरीद मूल्य में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। वहां कीमत 41 से बढ़कर 44 रुपये हो गई है। दूध की लागत बढ़ने का असर आगे चलकर दही, पनीर और मिठाइयों की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है। इसके पीछे पशुओं के चारे, देखभाल और परिवहन जैसी बढ़ती लागत को प्रमुख वजह बताया गया है।
LPG e-KYC जरूरी
LPG ग्राहकों के लिए e-KYC भी महत्वपूर्ण है। इसकी तय समयसीमा 31 अगस्त 2026 थी। जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक बायोमेट्रिक पहचान पूरी नहीं कराई है, उनकी सब्सिडी प्रभावित हो सकती है। हालांकि e-KYC नहीं कराने पर सिलेंडर की बुकिंग तत्काल बंद होगी या नहीं, यह संबंधित गैस कंपनी के नियमों पर निर्भर करेगा। ऐसे में जिन ग्राहकों की e-KYC अभी बाकी है, उन्हें जल्द अपनी गैस एजेंसी से संपर्क कर प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए। इससे भविष्य में सब्सिडी से जुड़ी परेशानी से बचने में मदद मिल सकती है।
एयरपोर्ट पर राहत
विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए इमिग्रेशन प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। 1 सितंबर से इमिग्रेशन काउंटर पर बोर्डिंग पास पर स्टांप लगवाने की जरूरत नहीं होगी। यात्री प्रक्रिया के दौरान अपने फोन में ई-बोर्डिंग पास दिखा सकेंगे। हालांकि पासपोर्ट, वीजा और सुरक्षा जांच से जुड़े दूसरे नियम पहले की तरह लागू रहेंगे। डिजिटल प्रक्रिया शुरू होने से यात्रियों का समय बच सकता है और एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन प्रक्रिया पहले की तुलना में आसान हो सकती है।
कार खरीदना महंगा
सितंबर में नई कार खरीदने वालों के लिए भी खर्च बढ़ गया है। टाटा मोटर्स ने अलग-अलग मॉडल और वैरिएंट के आधार पर कीमतों में 25 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की है। वहीं हुंडई मोटर इंडिया ने अपनी कारों की कीमतों में 1 फीसदी तक इजाफा किया है। कंपनियों ने कच्चे माल की लागत, परिचालन खर्च और महंगाई के दबाव को कीमत बढ़ाने की वजह बताया है। हालांकि सभी मॉडलों पर समान बढ़ोतरी नहीं हुई है। इसलिए कार खरीदने से पहले संबंधित मॉडल और वैरिएंट की नई कीमत जरूर जांचनी चाहिए।
जेब पर असर
कुल मिलाकर सितंबर की शुरुआत में कुछ बदलाव राहत देने वाले हैं तो कुछ सीधे खर्च बढ़ाने वाले। कमर्शियल LPG महंगी होने से कारोबारियों की लागत बढ़ सकती है, मुंबई में दूध महंगा होने से घरेलू बजट पर असर पड़ सकता है और नई कार खरीदना भी थोड़ा महंगा हुआ है। LPG e-KYC को लेकर ग्राहकों को सतर्क रहना होगा। वहीं विदेश यात्रा करने वालों के लिए डिजिटल इमिग्रेशन प्रक्रिया कुछ राहत दे सकती है। यानी 1 सितंबर से लागू बदलावों का असर अलग-अलग वर्गों पर अलग तरीके से दिखाई देगा।










