Delhi Mumbai 12 Hour Train: दिल्ली और मुंबई के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पांडेय ने संकेत दिए हैं कि अगर सभी काम तय समय पर पूरे हुए, तो साल 2027 की शुरुआत तक दोनों शहरों के बीच ट्रेन का सफर सिर्फ 12 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। फिलहाल ट्रेन से यह दूरी तय करने में करीब 15 से 26 घंटे तक का समय लगता है।
तेजी से आगे बढ़ रहा है 160 किमी प्रति घंटे का प्रोजेक्ट
रामाश्रय पांडेय के मुताबिक, नागदा से मुंबई सेंट्रल और वडोदरा से अहमदाबाद तक बड़े सिविल इंजीनियरिंग के लगभग सभी काम पूरे हो चुके हैं। अब केवल कुछ जरूरी काम बाकी हैं। इनमें कुछ विशेष रेलवे क्रॉसिंग और विरार-सूरत सेक्शन के तीन पुलों की मरम्मत शामिल है। इन कामों को इस साल दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
‘कवच’ सिस्टम का काम भी लगभग पूरा
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, वडोदरा-अहमदाबाद सेक्शन में आधुनिक सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ लगाने का काम पूरा हो चुका है। वहीं नागदा से मुंबई सेंट्रल तक इस परियोजना का 80 से 99 प्रतिशत काम पूरा बताया गया है। सभी निर्माण कार्य खत्म होने के बाद रिसर्च डिजाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (RDSO) 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनों के संचालन की अंतिम जांच करेगा। इसके बाद ही परियोजना को मंजूरी मिलेगी।
सड़क परियोजना से पहले मिल सकती है राहत
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण भी जारी है, लेकिन उसके पूरा होने में अभी समय लग सकता है। यह देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है, जिसकी कुल लंबाई करीब 1,386 किलोमीटर है। इस परियोजना पर लगभग एक लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। पहले इसे मार्च 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन निर्माण में देरी हुई। अब इसके 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत तक पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद है।
रेल यात्रा होगी ज्यादा तेज और आसान
अगर रेलवे की योजना समय पर पूरी होती है, तो सड़क मार्ग से पहले रेल यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती है। 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों के कारण दिल्ली और मुंबई के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। इससे यात्रियों का समय बचेगा और दोनों महानगरों के बीच आवाजाही पहले से अधिक तेज और सुविधाजनक हो जाएगी।
