Egg Price Hike: भारत में अंडा आम लोगों के साथ-साथ जिम जाने वालों और फिटनेस पसंद करने वालों के लिए भी प्रोटीन का किफायती स्रोत माना जाता है। लेकिन पिछले एक साल में इसकी कीमतों में करीब 35 से 40 फीसदी तक बढ़ोतरी देखने को मिली है।
थोक बाजार में अंडे का एक्स-फार्म भाव करीब 7 रुपये प्रति अंडे तक पहुंच गया है, जबकि खुदरा बाजार में इसकी कीमत 8.50 से 9 रुपये तक बताई जा रही है। ऐसे में 30 अंडों की एक क्रेट खरीदना भी पहले के मुकाबले काफी महंगा हो गया है।
मक्का और एथनॉल का क्या है कनेक्शन?
अंडे की कीमत बढ़ने की कहानी सीधे मुर्गियों के चारे से जुड़ी है। पोल्ट्री फीड में मक्के की बड़ी हिस्सेदारी होती है। वहीं, पेट्रोल में एथनॉल ब्लेंडिंग बढ़ाने के लिए सरकार की नीति के तहत मक्के से भी बड़े पैमाने पर एथनॉल बनाया जा रहा है।
ऐसे में मक्के की मांग एथनॉल उत्पादन की ओर बढ़ी है। मांग और उपलब्धता के बीच अंतर बढ़ने से मक्के की कीमतों पर दबाव पड़ा, जिसका असर पोल्ट्री फीड की लागत पर भी दिखाई दिया।
महंगे चारे ने बढ़ाई पोल्ट्री किसानों की मुश्किल
पोल्ट्री विशेषज्ञों के अनुसार, मुर्गियों के दाने में मक्के की हिस्सेदारी करीब 50 से 60 फीसदी तक हो सकती है। मक्का महंगा होने से फीड की लागत बढ़ती है और इसका सीधा असर अंडे की उत्पादन लागत पर पड़ता है।
छोटे पोल्ट्री फार्म संचालकों के लिए बढ़ती लागत बड़ी चुनौती बन गई है। कुछ किसानों के कारोबार से बाहर होने की स्थिति में सप्लाई पर भी असर पड़ सकता है।
अब चिकन की कीमतों पर भी नजर
अंडे के दाम बढ़ने के बाद अब ब्रायलर चिकन की कीमतों को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। अगर पोल्ट्री फीड की लागत लगातार ऊंची रहती है, तो इसका असर चिकन की उत्पादन लागत पर भी पड़ सकता है। ऐसे में आने वाले समय में मक्का, एथनॉल नीति और पोल्ट्री बाजार के बीच संबंध पर नजर रखना अहम होगा।



