Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, 30 जून तक सरकारी परिसरों से हटेंगे आवारा कुत्ते

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सभी मंत्रालयों को 30 जून तक सरकारी परिसरों से आवारा कुत्तों को हटाने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य बच्चों, मरीजों, बुजुर्गों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

Govt Order on Stray Dogs: आवारा कुत्तों से बढ़ती घटनाओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर सरकार ने सभी मंत्रालयों को निर्देश दिया है कि वे 30 जून तक अपने-अपने सरकारी परिसरों से आवारा कुत्तों को हटाने की व्यवस्था करें। सरकार का कहना है कि इस कदम से स्कूल, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, खेल परिसर और अन्य सार्वजनिक जगहें पहले से ज्यादा सुरक्षित बनेंगी।

यह फैसला खास तौर पर बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि कुत्तों के हमलों और काटने की घटनाओं को कम किया जा सके।

मंत्रालयों को क्या-क्या करना होगा?

सरकार ने सभी मंत्रालयों से कहा है कि 30 जून तक यह जानकारी देनी होगी कि उन्होंने दिए गए निर्देशों का पालन किया है। वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय अगस्त तक पूरी रिपोर्ट तैयार करके सुप्रीम कोर्ट में पेश करेगा।

सरकार ने कुछ जरूरी कदम भी तय किए हैं। सरकारी परिसरों में आवारा कुत्तों के प्रवेश को रोकने के लिए बाउंड्री, दीवार या मजबूत घेराबंदी करनी होगी। इसके साथ ही कचरे का सही तरीके से निपटान करना भी जरूरी होगा, क्योंकि खुले में पड़ा बचा हुआ खाना अक्सर कुत्तों को आकर्षित करता है।

हर सरकारी परिसर में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जिसकी पूरी जानकारी सरकार को देनी होगी। यदि किसी जगह से शिकायत मिलती है तो उस पर तुरंत कार्रवाई करना भी अनिवार्य होगा।

अस्पताल और स्कूलों के लिए अलग व्यवस्था

सरकार ने अस्पतालों को हर समय एंटी-रेबीज वैक्सीन का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत इलाज किया जा सके।

वहीं स्कूलों में बच्चों को आवारा कुत्तों से बचाव, सावधानी और प्राथमिक उपचार की जानकारी देने के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और खेल परिसरों जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की भी तैनाती की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?

यह पूरा मामला सुप्रीम Court के पिछले साल दिए गए आदेशों से जुड़ा है। अगस्त 2025 में कोर्ट ने पहले दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के लिए निर्देश जारी किए थे। बाद में इन आदेशों को पूरे देश में लागू कर दिया गया।

नवंबर 2025 में कोर्ट ने स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, बस अड्डे और रेलवे स्टेशन जैसी संस्थागत जगहों पर विशेष ध्यान देने को कहा। अदालत ने निर्देश दिया कि वहां मिलने वाले आवारा कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी और टीकाकरण कराया जाए। इलाज के बाद उन्हें दोबारा उसी परिसर में न छोड़ा जाए, बल्कि तय किए गए शेल्टर में रखा जाए। साथ ही, एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया को इस संबंध में मानक दिशा-निर्देश तैयार करने के लिए भी कहा गया था।

सुरक्षा के साथ मानवीय व्यवहार पर भी जोर

केंद्र सरकार ने साफ किया है कि इन निर्देशों का उद्देश्य लोगों की सुरक्षा बढ़ाना है। साथ ही सरकार ने यह भी अपील की है कि आवारा जानवरों के साथ मानवीय व्यवहार किया जाए और सभी नियमों का पालन संवेदनशीलता के साथ किया जाए।

Exit mobile version