IIT BHU Graduate Viral Post: देश के लाखों इंजीनियरिंग छात्रों का सपना होता है कि उन्हें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान यानी IIT में पढ़ने का मौका मिले। इसके लिए छात्र कई साल तक कड़ी मेहनत करते हैं और प्रवेश परीक्षा की तैयारी में अपना पूरा समय लगा देते हैं। लेकिन IIT में दाखिला मिलने के बाद हर छात्र का अनुभव एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है। कुछ छात्रों को अपनी पढ़ाई पसंद आती है, जबकि कुछ को महसूस होता है कि उनका असली जुनून किसी दूसरी फील्ड में है। ऐसा ही अनुभव IIT (BHU) वाराणसी के पूर्व छात्र आकाश सम्पूर्णानंद पांडेय ने सोशल मीडिया पर साझा किया है। उनकी पोस्ट वायरल होने के बाद इस विषय पर नई बहस शुरू हो गई है।
इंजीनियरिंग से ज्यादा हिस्ट्री और इंटरनेशनल अफेयर्स में थी रुचि
आकाश ने सोशल मीडिया पर अपने कॉलेज के दिनों को याद करते हुए बताया कि इंजीनियरिंग उनके पसंदीदा विषयों में कभी शामिल नहीं रही। उन्होंने कहा कि कॉलेज के दौरान वह अक्सर आखिरी बेंच पर बैठते थे और उनका ज्यादा समय इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बजाय अपनी पसंद के विषयों को समझने में बीतता था। उन्हें हिस्ट्री, इकोनॉमिक्स, पॉलिटी और इंटरनेशनल अफेयर्स से जुड़ी किताबें पढ़ना ज्यादा पसंद था। इन विषयों में उनकी दिलचस्पी इतनी ज्यादा थी कि इंजीनियरिंग की किताबों के मुकाबले उनका ध्यान दूसरे क्षेत्रों की ओर अधिक रहता था।
सिर्फ डिग्री हासिल करने के लिए पूरी की इंजीनियरिंग की पढ़ाई
आकाश के अनुसार, उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई मुख्य रूप से इसलिए पूरी की ताकि उनके पास IIT की डिग्री हो। अपनी पोस्ट में उन्होंने कॉलेज के चार साल के अनुभव को बेहद कठिन बताते हुए इसकी तुलना जेल से की। उन्होंने बताया कि वह कई बार परीक्षा से सिर्फ एक-दो दिन पहले पढ़ाई शुरू करते थे और उतनी ही तैयारी करते थे, जिससे परीक्षा पास की जा सके। इसके बावजूद उन्होंने अपना GPA करीब 7.5 बनाए रखा। इसका एक बड़ा कारण यह था कि वह कैंपस प्लेसमेंट के लिए योग्य बने रहना चाहते थे। हालांकि, उनके मन में हमेशा यह स्पष्ट था कि उनका भविष्य इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नहीं है।
चार साल की डिग्री को पूरी जिंदगी का करियर नहीं बनने दिया
IIT से पढ़ाई पूरी करने के बाद आकाश ने कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करना शुरू किया। हालांकि, समय के साथ उन्होंने इंजीनियरिंग से जुड़ी दिशा से खुद को पूरी तरह अलग कर लिया और अपने करियर को दूसरी फील्ड की ओर मोड़ दिया। अपनी पोस्ट में उन्होंने एक महत्वपूर्ण बात कही कि किसी व्यक्ति को चार साल की डिग्री को अगले 40 साल के करियर का आधार मानने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। अगर किसी व्यक्ति की रुचि किसी दूसरे क्षेत्र में है और वह उसमें बेहतर करना चाहता है, तो उसे अपनी पसंद के अनुसार करियर चुनने का अवसर मिलना चाहिए।
वायरल पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की अलग-अलग राय
आकाश की पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई यूजर्स ने उनके विचारों का समर्थन किया और कहा कि हर व्यक्ति को अपनी पसंद और रुचि के अनुसार करियर चुनने का अधिकार होना चाहिए। उनके मुताबिक, किसी प्रतिष्ठित संस्थान से मिली डिग्री जिंदगीभर किसी एक पेशे से बंधे रहने की मजबूरी नहीं बन सकती। वहीं, कुछ लोगों ने इस विचार से असहमति भी जताई। उनका कहना था कि जब देश में लाखों छात्र IIT में प्रवेश पाने के लिए वर्षों तक मेहनत करते हैं, तब वहां मिलने वाले अवसर को गंभीरता से न लेना भी सवाल खड़े करता है।
क्या प्रतिष्ठित डिग्री ही भविष्य तय करती है?
आकाश की कहानी ने करियर और शिक्षा को लेकर एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या किसी व्यक्ति की डिग्री ही उसका पूरा भविष्य तय करती है? आज के दौर में ऐसे कई उदाहरण देखने को मिलते हैं, जहां लोगों ने इंजीनियरिंग, मेडिकल या किसी अन्य प्रोफेशनल कोर्स की पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने करियर की दिशा बदल दी। कई लोग अपनी रुचि और स्किल के आधार पर अलग क्षेत्रों में सफलता हासिल कर रहे हैं। ऐसे में बदलते समय के साथ करियर चुनने का नजरिया भी बदल रहा है। अब सिर्फ प्रतिष्ठित डिग्री हासिल करना ही पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि अपनी रुचि, क्षमता, संतुष्टि और लंबे समय के लक्ष्य को ध्यान में रखकर करियर का फैसला करना भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है।


