JPSC-JSSC Protest: झारखंड में JPSC और JSSC अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। 2 अगस्त से आमरण अनशन पर बैठे आंदोलनकारी देवेन्द्रनाथ महतो ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से बातचीत के बाद पानी पी लिया। इस घटनाक्रम के बाद आंदोलन के भविष्य को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि पानी पीने का मतलब आंदोलन समाप्त करना नहीं है।
सोनम वांगचुक ने की स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील
जानकारी के अनुसार, सोनम वांगचुक ने फोन पर देवेन्द्रनाथ महतो से बातचीत की और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि लंबी लड़ाई लड़ने के लिए शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना जरूरी है। इसके बाद महतो ने पानी ग्रहण किया, लेकिन उन्होंने कहा कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
क्या खत्म हो जाएगा प्रदर्शन?
देवेन्द्रनाथ महतो और अन्य आंदोलनकारियों ने साफ किया कि उनका अनशन और विरोध प्रदर्शन अभी समाप्त नहीं हुआ है। उनका कहना है कि सरकार से लिखित आश्वासन या ठोस निर्णय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने अभ्यर्थियों से भी शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखने की अपील की है।
क्या हैं अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें?
JPSC और JSSC अभ्यर्थी लंबे समय से नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने, लंबित परीक्षाओं और परिणामों को समय पर जारी करने तथा भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती में लगातार हो रही देरी से हजारों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी नजर
अब सभी की नजर झारखंड सरकार की अगली प्रतिक्रिया पर है। यदि सरकार अभ्यर्थियों की मांगों पर सकारात्मक पहल करती है, तो आंदोलन की दिशा बदल सकती है। फिलहाल प्रदर्शन जारी है और अभ्यर्थी अपने आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाने की बात कह रहे हैं।







