Bihar politics news:बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता के.सी. त्यागी ने आखिरकार पार्टी छोड़ने का फैसला कर लिया है। मंगलवार को उन्होंने खुद इसकी जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी से अलग होने का निर्णय ले लिया है और अब जल्द ही अपने आगे के कदम के बारे में फैसला करेंगे।
लंबा रहा राजनीतिक सफर
के.सी. त्यागी का जेडीयू के साथ काफी लंबा जुड़ाव रहा है। वह उस समय से पार्टी के साथ थे, जब समता पार्टी और जनता दल के विलय के बाद अक्टूबर 2003 में जेडीयू का गठन हुआ था। उन्होंने पार्टी में कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं, जिनमें मुख्य महासचिव, प्रवक्ता और राजनीतिक सलाहकार जैसे बड़े पद शामिल हैं।
सदस्यता नवीनीकरण नहीं कराया
त्यागी ने बताया कि इस बार उन्होंने पार्टी की सदस्यता का नवीनीकरण नहीं कराया। उन्होंने कहा कि सदस्यता अभियान खत्म हो चुका है और उन्होंने खुद को इससे अलग रखने का फैसला किया। इसी के साथ उनका पार्टी से औपचारिक रूप से नाता भी खत्म हो गया।
विचारधारा पर कायम रहेंगे
हालांकि पार्टी छोड़ने के बाद भी के.सी. त्यागी ने साफ किया कि वह अपनी विचारधारा से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों, दलितों, किसानों और मजदूरों के हितों के लिए वह पहले की तरह काम करते रहेंगे। उनके लिए यह मुद्दे हमेशा महत्वपूर्ण रहेंगे।
नीतीश कुमार के लिए सम्मान कायम
त्यागी ने यह भी कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति उनका व्यक्तिगत सम्मान पहले जैसा ही बना रहेगा। उन्होंने बताया कि दोनों का साथ लगभग 50 साल पुराना है और यह रिश्ता हमेशा सम्मान के साथ बना रहेगा, भले ही अब वे अलग रास्ते पर हों।
जल्द लेंगे अगला फैसला
उन्होंने कहा कि वह अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर जल्द ही कोई बड़ा फैसला करेंगे। इसके लिए वह अपने सहयोगियों और समर्थकों से बातचीत कर रहे हैं। आने वाले दिनों में उनकी अगली रणनीति सामने आ सकती है।
22 मार्च को होगी अहम बैठक
के.सी. त्यागी ने बताया कि 22 मार्च 2026 को दिल्ली के मावलंकर हॉल में एक बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा होगी। इस बैठक में समान सोच वाले लोग शामिल होंगे और आगे की दिशा पर विचार किया जाएगा।
इन नेताओं से लेते हैं प्रेरणा
त्यागी ने कहा कि वह आगे भी चौधरी चरण सिंह, डॉ. राम मनोहर लोहिया और कर्पूरी ठाकुर जैसे नेताओं के विचारों से प्रेरणा लेते रहेंगे। उनका मानना है कि इन नेताओं की सोच आज भी समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।








