PM Modi on Emergency Anniversary: आपातकाल की 51वीं बरसी के अवसर पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भारतीय लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि आपातकाल देश के इतिहास का सबसे काला दौर था, जिसमें संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला किया गया।
नागरिक स्वतंत्रताओं को किया गया था सीमित
प्रधानमंत्री ने कहा कि आपातकाल के दौरान नागरिकों की स्वतंत्रता छीन ली गई थी और अभिव्यक्ति की आजादी पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। राजनीतिक नेताओं, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास किया गया। उन्होंने इसे संविधान की मूल भावना के खिलाफ बताया।
संविधान के आदर्शों की रक्षा करने वालों को नमन
पीएम मोदी ने कहा कि इस कठिन दौर में अनेक नागरिकों ने साहस का परिचय दिया और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान 140 करोड़ नागरिकों की आकांक्षाओं, अधिकारों और कर्तव्यों का प्रतीक है। देश को न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मार्ग पर आगे बढ़ाने के लिए संवैधानिक मूल्यों की रक्षा आवश्यक है।
भाजपा मनाएगी ‘संविधान हत्या दिवस’
भारतीय जनता पार्टी ने आपातकाल की वर्षगांठ पर 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। पार्टी की ओर से बिहार, हरियाणा सहित कई राज्यों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
भाजपा का आरोप है कि 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री Indira Gandhi द्वारा लगाए गए आपातकाल से लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों को गंभीर क्षति पहुंची थी। पार्टी का कहना है कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को आपातकाल के इतिहास और उसके प्रभावों से अवगत कराया जाएगा।









