Meta Statement: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस वीडियो को लेकर विवाद खड़ा हो गया, जिसमें उन्होंने NEET पेपर लीक के मुद्दे पर देश के छात्रों और युवाओं को संबोधित किया था। वीडियो को फेसबुक से हटाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे और इस मामले ने राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर भी चर्चा तेज कर दी। लोगों का ध्यान जब इस बात पर गया कि पीएम मोदी का वीडियो प्लेटफॉर्म से गायब है, तो इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। अब इस पूरे मामले पर मेटा की ओर से आधिकारिक सफाई दी गई है।
गलती से हटाया गया कंटेंट
मेटा के प्रवक्ता ने पीएम मोदी के वीडियो को फेसबुक से हटाए जाने के मामले में बयान जारी करते हुए कहा कि यह कंटेंट गलती से हटा दिया गया था। कंपनी ने स्पष्ट किया कि वीडियो को अब दोबारा बहाल कर दिया गया है। मेटा के इस बयान के बाद वीडियो हटाए जाने को लेकर चल रहा विवाद कुछ हद तक शांत हुआ है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक सरकार ने भी इस घटना को गंभीरता से लिया है और पूरे मामले का संज्ञान लिया है।
सरकार ने मांगा जवाब
सूत्रों के अनुसार, सरकार इस मामले की जांच कर रही है और मेटा के अधिकारियों से भी जवाब मांगा गया है। सरकार यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर प्रधानमंत्री के आधिकारिक सोशल मीडिया कंटेंट को किस वजह से फेसबुक से हटाया गया। हालांकि, मेटा की ओर से इसे गलती बताया गया है, लेकिन इस घटना के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर राजनीतिक और सार्वजनिक हस्तियों के कंटेंट की मॉडरेशन प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
छात्रों से क्या बोले थे मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 जुलाई की देर रात देश के छात्रों को संबोधित करते हुए एक वीडियो पोस्ट किया था। यह वीडियो इंस्टाग्राम पर तेजी से वायरल हुआ और दावा किया गया कि 24 घंटे के भीतर इसने सबसे ज्यादा व्यूज हासिल करने का रिकॉर्ड बनाया। वीडियो में पीएम मोदी ने NEET पेपर लीक को गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा था कि इससे लाखों विद्यार्थियों और उनके माता-पिता को परेशानी हुई है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामले में कई कदम उठाए गए हैं और दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
सख्त कानून का जिक्र
पीएम मोदी ने कहा था कि सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना था कि छात्रों का एक साल बर्बाद न हो। उन्होंने बताया कि सरकार ने कम से कम समय में करीब 22 लाख विद्यार्थियों की परीक्षा कराने की व्यवस्था की और कुछ ही दिनों बाद परिणाम भी जारी कर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक के खिलाफ संसद में एंटी पेपर लीक बिल लाया गया है। इसमें फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन और दोषियों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। अब मेटा की ओर से वीडियो हटाने को गलती बताकर बहाल किए जाने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है।








