PM Narendra Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर देशवासियों से सोना खरीदने से बचने की अपील की है। उन्होंने इंस्टाग्राम के जरिए लोगों से कहा कि जब तक बहुत जरूरी न हो, तब तक सोने की खरीदारी न करें। पीएम की इस अपील के बीच मंगलवार, 1 सितंबर को घरेलू वायदा बाजार में सोने की कीमत में मामूली गिरावट देखने को मिली।
सुबह के कारोबार में MCX पर सोना करीब 0.12 फीसदी गिरकर 1,54,282 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं, चांदी की कीमत में तेजी रही। चांदी करीब 0.46 फीसदी की बढ़त के साथ 2,34,907 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने को मिली थोड़ी राहत
घरेलू बाजार में जहां सोना दबाव में है, वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंगलवार को कीमतों में कुछ सुधार देखने को मिला। पिछले दो कारोबारी सत्रों में सोने की कीमत 3.5 फीसदी से ज्यादा गिर चुकी थी। इसके बाद मंगलवार सुबह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 4,445 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता नजर आया।
बाजार की नजर फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर है। करीब छह महीने से जारी विवाद में दोनों देशों के बीच होर्मुज को लेकर तनाव बढ़ गया है। हालिया सैन्य कार्रवाई के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है।
महंगा तेल सोने के लिए क्यों बन सकता है परेशानी?
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है। सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में तीन हफ्तों की सबसे बड़ी तेजी देखने को मिली और मंगलवार को भी तेल के भाव ऊपर बने रहे।
अगर ऊर्जा की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो अमेरिका में महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को ऊंचा रख सकता है या बढ़ा सकता है। ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर सोने के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं, क्योंकि सोना कोई ब्याज नहीं देता।
अगस्त में करीब 10 फीसदी चढ़ा था सोना
अगस्त में सोने की कीमत में करीब 10 फीसदी की तेजी आई थी। यह जनवरी के बाद सोने की सबसे बड़ी मासिक बढ़त थी। हालांकि, फेड की ओर से महंगाई को लेकर सख्त रुख अपनाए जाने के बाद बाजार का मूड बदल गया।
अब ट्रेडर्स सितंबर की आगामी फेड बैठक पर नजर बनाए हुए हैं। ब्याज दरों को लेकर बढ़ी अनिश्चितता के बीच सोना अपने 200-दिन के मूविंग एवरेज से नीचे आ गया है। यह स्तर बाजार में सोने की आगे की दिशा के लिए एक अहम संकेत माना जाता है।
