Seva Sankalp Abhiyan 2026:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से बीजेपी देशभर में एक महीने का विशेष अभियान शुरू करने जा रही है। पार्टी ने इसका नाम ‘सेवा संकल्प अभियान’ रखा है, जो 17 अक्टूबर तक चलेगा। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत सेवा और जनभागीदारी से जुड़े कई कार्यक्रम होंगे। पार्टी का लक्ष्य लोगों को ‘विकसित भारत’ के संकल्प से जोड़ना है।
रक्तदान से आगाज
अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को देशभर में रक्तदान शिविरों के साथ होगी। इसी दिन शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। बीजेपी के मुताबिक, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले परिवार अपने घरों में दीप जलाकर प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करेंगे। इसके जरिए पार्टी लाभार्थियों की भागीदारी को अभियान से जोड़ने की कोशिश करेगी।
स्वच्छता पर जोर
2 अक्टूबर को अभियान के तहत विशेष स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों में पदयात्रा और बाइक रैली भी निकाली जाएंगी। बीजेपी का कहना है कि इन कार्यक्रमों का मकसद केवल सेवा गतिविधियों को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि लोगों को देश के विकास और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य के प्रति जागरूक करना भी है।
मोदी के 25 साल
‘सेवा संकल्प अभियान’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने को भी प्रमुखता दी जाएगी। 7 अक्टूबर 2001 को मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी और 7 अक्टूबर 2026 को उनके इस राजनीतिक सफर के 25 साल पूरे होंगे। बीजेपी इस दौरान उनके गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से लेकर प्रधानमंत्री पद तक के सफर को लोगों के बीच पहुंचाएगी।
उपलब्धियों का जिक्र
नितिन नवीन ने मोदी के शुरुआती राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए नर्मदा परियोजना, ‘वाइब्रेंट गुजरात’ और निवेश बढ़ाने जैसे मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले भारत की अर्थव्यवस्था को ‘फ्रैजाइल फाइव’ में गिना जाता था, जबकि आज भारत प्रमुख तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। बीजेपी अध्यक्ष ने महिला सशक्तिकरण के लिए ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’, ‘लखपति दीदी’ और नारीशक्ति वंदन अधिनियम का भी उल्लेख किया।
विकास और विरासत
बीजेपी ने अभियान के संदेश में विकास के साथ सांस्कृतिक विरासत को भी शामिल किया है। नितिन नवीन ने राम मंदिर, काशी विश्वनाथ, सोमनाथ और महाकाल जैसे धार्मिक स्थलों पर हुए कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों को ‘भारत का आखिरी गांव’ कहने के बजाय ‘भारत का प्रथम गांव’ कहने की सोच को भी बदलाव का उदाहरण बताया। पार्टी के अनुसार, पूरे अभियान में सेवा, जनभागीदारी और विकास के संदेश को प्रमुखता दी जाएगी।







