Thailand Monk Blackmail Case: थाईलैंड में एक प्रतिष्ठित बौद्ध भिक्षु के अचानक संन्यास छोड़ने से पूरे धार्मिक समुदाय में हलचल मच गई। लंबे समय से तप और अनुशासन का जीवन जी रहे इस भिक्षु के फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए। शुरुआत क इसकी वजह साफ नहीं थी, लेकिन पुलिस जांच आगे बढ़ी इन आरोपों की हर पहलू से जांच कर रही है।
करोड़ों रुपये की मांग से खुला राज
मामले ने नया मोड़ तब लिया जब जांच एजेंसियों को पता चला कि एक भिक्षु से कथित तौर पर करोड़ों रुपये की मांग की गई। आरोप है कि महिला ने दावा किया था कि वह उसके बच्चे की मां बनने वाली है और इसी आधार पर पैसे मांगे गए। इस जानकारी के बाद पुलिस ने महिला के ठिकानों पर छापेमारी की और जांच का दायरा काफी बढ़ गया।
80 हजार से ज्यादा फोटो और वीडियो मिले
पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान डिजिटल उपकरणों और क्लाउड स्टोरेज से 80 हजार से अधिक फोटो और वीडियो बरामद किए गए। जांच एजेंसियों का कहना है कि इन डिजिटल सामग्री का इस्तेमाल कथित तौर पर अलग-अलग लोगों को ब्लैकमेल करने के लिए किया जाता था। फिलहाल सभी डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
100 करोड़ से ज्यादा लेन-देन का दावा
जांच में अब तक कम से कम नौ बौद्ध भिक्षुओं के नाम सामने आए हैं। हालांकि अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में शामिल लोगों की संख्या इससे अधिक हो सकती है। शुरुआती जांच के मुताबिक, पिछले तीन वर्षों में इस कथित नेटवर्क के जरिए करीब 385 मिलियन थाई बात का लेन-देन हुआ, जिसकी भारतीय मुद्रा में कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। पुलिस इन वित्तीय लेन-देन की भी विस्तार से जांच कर रही है।
धार्मिक संस्थाओं पर उठे सवाल
इस घटना ने थाईलैंड में केवल कथित ब्लैकमेलिंग का मामला ही नहीं खड़ा किया, बल्कि धार्मिक संस्थाओं की पारदर्शिता और अनुशासन पर भी नई बहस शुरू कर दी है। चूंकि देश की बड़ी आबादी बौद्ध धर्म का पालन करती है, इसलिए इस मामले को लेकर लोगों में काफी चर्चा है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों, वित्तीय रिकॉर्ड और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर जांच जारी है। यदि किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता साबित होती है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।



