UPI Payment Rules: करीब छह साल पहले UPI और RuPay डेबिट कार्ड भुगतान पर हटाया गया मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। केंद्र सरकार ने पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। इस संशोधन का उद्देश्य भविष्य में जरूरत पड़ने पर कुछ UPI ट्रांजैक्शन पर MDR लागू करने का कानूनी प्रावधान तैयार करना है। हालांकि सरकार ने अभी इसे लागू करने का फैसला नहीं लिया है। इसलिए फिलहाल ग्राहकों और व्यापारियों के लिए UPI भुगतान पहले की तरह ही जारी रहेगा।
आखिर क्या होता है MDR?
MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट वह शुल्क होता है, जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने पर व्यापारी बैंक या पेमेंट सेवा प्रदाता को देते हैं। जनवरी 2020 में सरकार ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए UPI और RuPay डेबिट कार्ड पर यह शुल्क पूरी तरह खत्म कर दिया था। इसके बाद देशभर में करोड़ों लोग बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के UPI के जरिए भुगतान करने लगे और यह भारत का सबसे लोकप्रिय डिजिटल पेमेंट माध्यम बन गया।
किन लोगों पर पड़ सकता है असर?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार ऐसे विकल्प पर विचार कर रही है, जिसमें MDR केवल बड़े कारोबारियों या तय सीमा से अधिक राशि वाले UPI ट्रांजैक्शन पर लगाया जा सकता है। छोटे दुकानदारों और आम उपभोक्ताओं को इससे बाहर रखने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि शुल्क कितना होगा, किस राशि पर लागू होगा और किन कारोबारियों पर लागू किया जाएगा, इसे लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
सरकार बदलाव क्यों करना चाहती है?
डिजिटल भुगतान में लगातार बढ़ोतरी के साथ बैंकों और पेमेंट कंपनियों का खर्च भी बढ़ा है। नेटवर्क संचालन, साइबर सुरक्षा, तकनीकी अपग्रेड और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाए रखने में बड़ी लागत आती है। उद्योग से जुड़े कई पक्षों का मानना है कि सीमित MDR व्यवस्था से इस पूरे सिस्टम को आर्थिक रूप से अधिक टिकाऊ बनाया जा सकता है। इसी वजह से सरकार कानून में संशोधन का प्रस्ताव लेकर आई है।
फिलहाल ग्राहकों को क्या करना चाहिए?
इस समय UPI से भुगतान करने वाले ग्राहकों को किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। प्रस्तावित संशोधन केवल कानूनी व्यवस्था तैयार करने की दिशा में एक कदम है। यदि भविष्य में MDR लागू करने का फैसला लिया जाता है, तो सरकार इसकी दर, दायरा और लागू होने की तारीख अलग से घोषित करेगी। इसलिए अभी आम लोगों को किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है और वे पहले की तरह UPI का इस्तेमाल कर सकते हैं।









