Blast Report: प्रयागराज पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 8 मकान टूटे; जांच में सामने आई विस्फोटक बनाने की बात

हादसे के बाद प्रशासन ने फैक्ट्री से 400 मीटर दूर बने पटाखा गोदाम को बुलडोजर से ढहा दिया। पुलिस ने लापरवाही के मामले में इंस्पेक्टर और 6 दरोगा समेत 9 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया।

Blast Aftermath: प्रयागराज में 31 अगस्त को पटाखा फैक्ट्री में हुए जोरदार विस्फोट ने आसपास के इलाके को दहला दिया। मंझरी एयरफोर्स स्टेशन से करीब 2 किलोमीटर दूर स्थित फैक्ट्री में सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे अचानक तेज धमाका हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास के तीन मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए, जबकि पांच अन्य मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा। हादसे में कई लोग घायल हुए। ग्रामीणों ने घायलों को चारपाई पर लादकर सड़क तक पहुंचाया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

प्रशासन ने की कार्रवाई

हादसे के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उसी दिन कार्रवाई शुरू कर दी। रात करीब साढ़े सात बजे फैक्ट्री से लगभग 400 मीटर दूर स्थित नौशाद के पटाखा गोदाम को बुलडोजर से ढहा दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य अवैध तरीके से संचालित हो रही विस्फोटक सामग्री की गतिविधियों पर रोक लगाना बताया गया। हादसे के बाद इलाके में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी बढ़ा दी गई थी।

पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में एक इंस्पेक्टर, छह दरोगा समेत कुल नौ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया। कार्रवाई के बाद पुलिस ने फैक्ट्री में विस्फोटक सामग्री के इस्तेमाल और उसके भंडारण को लेकर जांच तेज कर दी है। अभी तक फैक्ट्री में विस्फोट की वास्तविक वजह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है। हालांकि, एक महिला ने दावा किया था कि बिजली का खंभा गिरने के बाद तेज धमाका हुआ था। पुलिस सभी संभावित कारणों की जांच कर रही है।

पूछताछ में खुलासा

पुलिस की पूछताछ में आदिल नाम के युवक ने कथित तौर पर अपनी गलती स्वीकार की है। पुलिस के मुताबिक, आदिल ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर पैसे कमाने के लिए अवैध पटाखे और विस्फोटक सामग्री तैयार करता था। इसके लिए मंझरी पावर हाउस के पास बने एक गोदाम का इस्तेमाल किया जाता था। 31 अगस्त की सुबह करीब 11 बजे इसी गोदाम में रखे पटाखों और बारूद में अचानक विस्फोट हो गया।

हथियार भी बरामद

जांच के दौरान पुलिस ने आदिल के पास से 315 बोर का अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस और तीन खोखे बरामद किए हैं। उसकी बाइक को भी कब्जे में लिया गया है। पुलिस अब उसके साथियों और विस्फोटक सामग्री के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि इतनी बड़ी मात्रा में पटाखे और बारूद वहां कैसे पहुंचे और इन्हें तैयार करने के लिए जरूरी सामग्री किस माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही थी।

हादसे ने उठाए सवाल

फैक्ट्री में विस्फोट के बाद आठ मकानों के टूटने और लोगों के घायल होने से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। प्रशासन की तत्काल कार्रवाई और पुलिसकर्मियों के निलंबन के बावजूद हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी। फिलहाल पुलिस अवैध विस्फोटक कारोबार से जुड़े लोगों की तलाश और पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।

35 शब्दों का सार: प्रयागराज में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से आठ मकान क्षतिग्रस्त हुए और कई लोग घायल हुए। प्रशासन ने गोदाम ढहाया, नौ पुलिसकर्मी निलंबित हुए। पूछताछ में अवैध पटाखे बनाने की बात सामने आई।

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